Iran Suspends Attacks ON Neighbours: ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को बढ़ते क्षेत्रीय संघर्ष के बीच हाल के हमलों के लिए पड़ोसी देशों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि तेहरान का दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है, भले ही इजरायल और अमेरिका के साथ दुश्मनी बढ़ गई हो।
एक टेलीविजन संबोधन में, पेजेशकियन ने कहा कि ईरान की टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने और मिसाइल लॉन्च रोकने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि अगर पड़ोसी देश ईरान पर जवाबी हमला करते हैं तो हम फिर उन्हें तगड़ा जवाब देंगे।
पेजेशकियन ने कहा, ‘मैं पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं। हमारा दूसरे देशों पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है।’ उन्होंने आगे कहा कि यह फैसला इलाके में और ज्यादा तनाव को रोकने के लिए लिया गया था।
ईरान ने पड़ोसियों पर हमले रोक दिए
पेजेशकियन ने कहा कि लीडरशिप काउंसिल ने पड़ोसी देशों पर हमले रोकने के लिए एक कदम को मंजूरी दी है, साथ ही ईरान पर हमला होने पर जवाब देने का अधिकार भी बरकरार रखा है।
उन्होंने कहा, ‘टेम्पररी लीडरशिप काउंसिल ने घोषणा की है कि पड़ोसी देशों पर और हमले नहीं होंगे और कोई मिसाइल लॉन्च नहीं किया जाएगा, जब तक कि उन देशों से ईरान पर हमला न हो।’
हालांकि, ईरान ने इजराइल के साथ हमले जारी रखे हैं। ईरानी ठिकानों पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के बाद पूरे इलाके में संघर्ष बढ़ गया है।
ट्रंप ने ‘बिना शर्त सरेंडर’ की मांग की
शनिवार को युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में पहुंच गया और इस बात पर अनिश्चितता बढ़ रही है कि दुश्मनी कब खत्म होगी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर दबाव फिर से बढ़ाया, और ईरान से ‘बिना शर्त सरेंडर’ की मांग की।
ट्रंप ने शुक्रवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर लिखा, ‘ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा कोई डील नहीं होगी!’ उन्होंने आगे कहा कि ईरान में नई लीडरशिप आने के बाद, वॉशिंगटन और उसके साथी देश की इकॉनमी को फिर से बनाने के लिए काम करेंगे।
ईरान के बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग ठुकरायी
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका द्वारा बिना शर्त आत्मसमर्पण की मांग एक ऐसा ‘ख्वाब है जिसे उन्हें अपनी कब्र तक साथ ले जाना चाहिए।’ बता दें कि यह लड़ाई ईरान की सीमाओं से कहीं आगे तक फैल गई है, ईरान ने इजरायल और कई खाड़ी देशों पर हमला किया है, जहां US के मिलिट्री बेस हैं। शनिवार सुबह-सुबह मिसाइलें इज़राइल की ओर उड़ती देखी गईं। जवाब में, इजरायल ने तेहरान में इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाते हुए हमलों की एक नई लहर शुरू कर दी।









































