ग्राम पंचायत रेंगाटोला के जागपुर के अंतर्गत मछली पालन तालाब बाबा आदिवासी मछुआ सहकारी समिति एकोडी को न दिए जाएं और डिफाल्टर समिति का पंजीयन निरस्त करने की मांग को लेकर आज सोमवार को जय श्री राम मछुआ सहकारी समिति मार्याधारी रेंगाटोला के द्वारा ग्राम पंचायत रेंगाटोला के सचिव को ज्ञापन सोपा गया है। सोफे का ज्ञापन में बताया गया कि वारासिवनी तहसील के अंतर्गत बाबा आदिवासी मछुआ सहकारी समिति के एकोडी और जय श्री राम मछुआ सहकारी समिति मर्यादित रेंगाटोला संचालित है। जिसमें जय श्री राम छुआ सरकारी समिति मर्यादित रेंगाटोला में सभी सदस्य वंशानुगत जाति के ढीमर मछुआरे सदस्य हैं। वही आदिवासी सरकारी समिति में सभी जाति के गुण बिंनझावार सदस्य हैं। संरक्षक जिला मांझी मछुआ समाज समिति सादक श्याम मसराम ने बताया कि ग्राम रेंगाटोला,जागपुर मैं जय श्री राम मछुआ सहकारी समिति का वंशानुगत मछुआरों का पंजीयन है और एक पंजीयन यहां चल रहा है बाबा आदिवासी मछुआरा सरकारी समिति के नाम से है। जागपूर और रेंगाटोला में जितने भी तालाब है। वह तालाब वंशानुगत मछुआरों मिलना चाहिए। जो नहीं है। उस तालाब का हक अधिकार है वह आदिवासियों के पंजीयन समिति के कार्य क्षेत्र दिया गया है जबकि वंशानुगत मछुआरों का व्यवसाय मछली पालन है यह बात समझ से परे है की आदिवासी ना तो मछुआरे हैं ना मछली मारने का काम करते हैं ना मछली पालने का और उनको यह हक अधिकार कैसे मिल गया। जिस समय उनकी समिति बनी थी उनके द्वारा ढीमर जाति का प्रमाण पत्र पेश किया है हम चाहते हैं कि ग्राम पंचायत रेंगाटोला के द्वारा उस समिति की जांच की जाए और उन पर कार्रवाई की जाए उनके सारे दस्तावेजों की जांच की जाए और बाबा आदिवासी मछुआ सहकारी समिति का पंजीयन निरस्त कर। जय श्री राम मछुआ सहकारी समिति मर्यादित रेंगाटोला को उनके हक अधिकार के तहत उनको मछली पालन करने की अनुमति दी जाए।










































