गलत इंजेक्शन लगाने से युवक गया कोमा मे,भारत मुक्ति मोर्चा ने सौपा ज्ञापन

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पदमेश न्यूज़,बालाघाट।पिछले दिनों नगर के वार्ड नंबर 33 गायखुरी स्थित सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पीटल में एक चिंतनीय मामला सामने आया था।जहां युवक की तबीयत खराब होने पर उसे उक्त अस्पताल में भर्ती करने पर,उपचार के दौरान युवक कोमा में चला गया था।इस मामले को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा पदाधिकारियो ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के नाम जिला कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौपा है।जिसमें उन्होंने सरदार पटेल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पीटल के चिकित्सक पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाते हुए, गलत इंजेक्शन लगाने से युवक के कोमा में जाने की शिकायत की है। वही इस मामले में भारत मुक्ति मोर्चा पदाधिकारियो द्वारा संबंधित अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सक के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।वही युवक के उपचार से संबंधित खर्च उठाने सहित अन्य मांगों को पूरा किए जाने की गुहार लगाई गई है।

नागपुर में जिंदगी और मौत से लड़ रहा विवेक
भारत मुक्ति मोर्चा के पदाधिकारियो ने बताया कि 11 फरवरी 2026 की रात विवेक तिरपुड़े, पिता आर.सी. तिरपुड़े, की तबीयत अचानक खराब होने पर उन्हें सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज, बालाघाट में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान वहां पदस्थ एक महिला डॉक्टर सृष्टि जैन द्वारा बोहेशी के नाम पर कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगा दिया गया, जिससे उनकी हालत और गंभीर हो गई।उस इंजेक्शन के बाद विवेक की तबीयत तेजी से बिगड़ी और वे कोमा में चले गए। वर्तमान में उनका उपचार नागपुर (महाराष्ट्र) के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।परिजनो ने इसकी शिकायत पुलिस थाना में दी गई थी लेकिन अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।युवक अभी भी कोमा में है जो नागपुर में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहा है।

कार्यवाही नही हुई तो करेंगे धरना प्रदर्शन- ठवकर
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान भारत मुक्ति मोर्चा बालाघाट जिला प्रभारी रामदास ठवकर ने बताया कि इस पूरी घटना के लिए सरदार पटेल मल्टीस्पेशलिस्ट हॉस्पीटल व महिला चिकित्सक सृष्टि जैन जिम्मेदार है महिला चिकित्सक द्वारा गलत इंजेक्शन लगाने के चलते युवक कोमा में चल गया और आज जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहा है वह अब भी कोमा से बाहर नहीं आ पाया है।हमारी मांग है कि ऐसी चिकित्सक पर तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही ऐसे चिकित्सक को दंडित किया जाना चाहिए।ताकि ऐसी घटना किसी और के साथ ना हो सके। यदि ऐसा नहीं किया जाता और हमारी मांग पूरी नहीं होती तो फिर आगामी समय इस मामले को लेकर भारत मुक्ति मोर्चा के बैनर तले नगर में धरना प्रदर्शन किया जाएगा।जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।

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