मध्यप्रदेश शासन और उसके नुमाइंदे कभी-कभी ऐसे निर्णय ले लेते हैं कि फिर एक बार कहावत मध्य प्रदेश के भीतर चरितार्थ हो जाती है एमपी अजब है एमपी गजब है। दरअसल इस बार यह अजब है गजब है वाला मामला प्रदेश शासन द्वारा स्कूल शिक्षा के लिए बनाई गई सबसे बड़ी योजना सीएम राइस स्कूल में चरितार्थ होते दिखाई दे रही है।
बता दे कि यह सारा अजब गजब का मामला जिले के लांजी तहसील मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर बोलेगांव में हुआ है। जहां पर हाई स्कूल को सीएम राइस का दर्जा तो दे दिया गया है। लेकिन यह स्कूल सीएम राइज स्कूल बनाए जाने के मापदंड पर कहि से भी खरा उतरता दिखाई नहीं दे रहा है। उल्टा इस स्कूल को सीएम राइस बनाए जाने पर हर कोई आश्चर्य व्यक्त कर रहा है।
दरअसल यह सब सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि बोलेगांव को सीएम राइज स्कूल बनाए जाने के पहले किसी ने भी बारीकी से अध्ययन नहीं किया, यह कहे कि शिक्षा विभाग के शिक्षाविदों की पूरी की पूरी थ्योरी किसी दबाव के तले दब गई और उन्होंने बोलेगाव को सीएम राइज का दर्जा दे दिया और आज मजाक का पात्र बन गए।
बोलेगाव के जिस स्कूल को सीएम राइज का दर्जा दिया गया है वह केवल 4 कमरों का स्कूल है। उस भवन में 9 वी और 10 वी की 2 कक्षाएं संचालित होती है। पहली से आठवीं तक स्कूल नवनिर्मित सीएम राइज स्कूल से लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर दूर है। और सबसे अधिक आश्चर्य वाली बात बोलेगांव के अंतर्गत जिस हायर सेकेंडरी स्कूल को सीएम राइस का दर्जा दिया गया है वह पाथवाडा हायर सेकेंडरी स्कूल बोलेगांव से लगभग 10 किलोमीटर दूर पर है।
इससे भी बड़ी कहानी यह है बोलेगांव सीएम राइज स्कूल के चयनित शिक्षकों का चयन जब किया जा रहा था तो हाई स्कूल तक की तो शिक्षा विभाग याद रही, लेकिन वह पाथरवाड़ा हायर सेकेंडरी को भूल गया। नतीजा हायर सेकेंडरी के लिए किसी भी चयनित शिक्षक की पदस्थापना पाथरवाडा में नहीं की गई।
यह तो रही शिक्षकों की पदस्थापना और शासकीय स्कूल बोलेगांव को सीएम राइस का दर्जा दिए जाने की जानकारी। उससे भी ज्यादा आश्चर्य वाली बात यह है कि बोलेगाव सीएम राइज स्कूल के लिए प्राथमिक, माध्यमिक, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी में नए एडमिशन नहीं लिए जा सकेंगे। इसकी बड़ी वजह पहले से ही बोलेगांव से लेकर पाथरवाडा स्कूल में छात्रों की संख्या पूर्ण है। उनके अलावा अन्य छात्रों को एडमिशन नहीं दिया जा सकता।
मतलब साफ है कि बोलेगाँव स्कूल सीएम राइज तो बन गया लेकिन नए भवन बनने तक पहले की तर्ज पर ही संचालित होते रहेगा।
वहीं दूसरी ओर छात्रों के सामने एक परेशानी यह भी है कि यदि वे इस वर्ष सीएम राइस स्कूल बोलेगांव से पास हो गए तो उन्हें अगले वर्ष 10 किलोमीटर दूर पथवाड़ा हायर सेकेंडरी सीएम राइज स्कूल में अध्ययन किए जाना होगा।
निश्चिती मध्यप्रदेश शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बोलेगाँव स्कूल का चयन सीएम राइज स्कूल के लिए कर तो लिया गया। लेकिन लांजी क्षेत्र के लोगों को नए भवन निर्माण होने तक सीएम राइज स्कूल का लाभ मिलते दिखाई नहीं दे रहा है?
इस विषय पर जब हमने लांजी से लेकर बालाघाट तक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से जानकारी ली तो सभी ने एक स्वर में एक ही जवाब दिया कि सीएम राइस स्कूल के सारे निर्णय भोपाल स्तर से हो रहे हैं जैसे आदेश आ रहे हैं उनके अनुसार कार्य किया जा रहा है।









































