Bhopal News: जंतर-मंतर की तरह भोपाल में भी कुछ जगहों पर प्रोटेस्ट बैन कर दिया गया है। इसे लेकर भोपाल पुलिस कमिश्नर ने आदेश जारी कर दिया है। यह प्रतिबंध अगले दो महीने के लिए रहेगा। आदेश के अनुसार यह फैसला ट्रैफिक को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए लिया गया है।भोपाल: जंतर-मंतर की तरह भोपाल में भी कुछ चौराहों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। इन जगहों पर अगले दो महीनों तक कोई प्रोटेस्ट नहीं होगा। इसके लेकर भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आदेश जारी कर दिया है। इसमें सबसे प्रमुख रोशनपुरा चौराहा है।किसी भी प्रकार के प्रदर्शन नहीं होंगे
वहीं, इस दौरान अब विरोध-प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन और पुतला दहन जैसी गतिविधियां नहीं की जा सकेंगी। इस कदम का मकसद ट्रैफिक जाम को रोकना और आपतकालीन वाहनों की आवाजाही को बिना किसी रुकावट के सुनिश्चित करना है।
रोशनपुरा चौराहे पर लगा प्रतिबंधित
यह आदेश बीएनएस 2023 की धारा 163 के तहत जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि विभिन्न समुदाय, संगठन, राजनीतिक दल, समीतियां और प्रतिनिधिमंडल अपनी मांगों को मनवाने के लिए अक्सर इस व्यस्त चौहारे पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगते हैं।
यह है आदेश
आदेश के मुताबिक, रोशनपुरा चौराहा एक प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन हैं, यह राजभवन, एयरपोर्ट, हमीदिया अस्पताल और गांधी मेडिकल कॉलेज जैसी महत्वपूर्ण जगहों को आपस में जोड़ता है। यह रास्ता एंबुलेंस, दमकल गाड़ियों और वीआईपी लोगों को लेन जाने वाले वाहनों की आवजाही के लिए भी बहुत अहम है
ट्रैफिक होता है बाधित
वहीं, पुलिस का कहना है कि इस चौराहे पर होने वाले प्रदर्शनों से अक्सर ट्रैफिक बाधित होता है और आने -जाने वालों को परेशानी होती है। इस तरह की रुकावटों से इमरजेंसी सेवाओं में देरी हो सकती है, जिससे मरीजों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। ये पाबंदियां आदेश लागू होने की तारीख से दो महीने तक प्रभावी रहेंगी।
इन जगहों पर भी लगा प्रतिबंध
एक अन्य आदेश के मुताबिक भोपाल पुलिस कमिश्नर ने पॉलिटेक्निक चौराहा, आकाशवाणी चौराहा, किलोल पार्क चौराहा और इन्हें जोड़ने वाले रास्तों को भी विरोध-प्रदर्शन, हड़ताल, आंदोलन और पुतल दहन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया है।










































