Twisha Sharma Case: ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भोपाल कोर्ट में चल रहे ट्रायल पर रोक लगा दी है। ट्विशा के पिता ने एमपी में निष्पक्ष जांच न होने की आशंका जताई थी, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई, पति और सास को नोटिस जारी कर केस दिल्ली ट्रांसफर करने की याचिका पर जवाब मांगा है।भोपाल: सुप्रीम कोर्ट ने मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदेहास्पद मौत के मामले में बड़ा कदम उठाया है। अदालत ने भोपाल की एक अदालत में इस केस से जुड़े चल रहे ट्रायल पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही, मामले की सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग वाली याचिका पर सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन, मृतका के पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
ससुराल में गई थी ट्विशा शर्मा की जान
यह पूरा मामला पिछले साल यानी 12 मई का है, जब 33 साल की ट्विशा शर्मा भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी हुई पाई गई थीं। उनके पति उन्हें एम्स भोपाल लेकर पहुंचे थे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस घटना के बाद से ही मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है और अब सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से कानूनी हलचल तेज हो गई है।क्यों सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मृतका के पिता?
चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने यह आदेश मृतका के पिता नवनिधि शर्मा की उस याचिका पर दिया है, जिसमें उन्होंने केस को मध्य प्रदेश से दिल्ली ट्रांसफर करने की गुहार लगाई थी। पिता का आरोप था कि उनकी बेटी की मौत के मामले में उन्हें मध्य प्रदेश में निष्पक्ष ट्रायल मिलने की उम्मीद नहीं है।
रसूख का इस्तेमाल करने का शक
याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट को बताया कि आरोपी पक्ष की तरफ से काफी रसूख का इस्तेमाल किया जा रहा है, क्योंकि ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह एक रिटायर्ड डिस्ट्रिक्ट जज रह चुकी हैं। पिता खुद दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में रहते हैं, इसलिए उन्होंने सुनवाई दिल्ली ट्रांसफर करने की मांग की है। इससे पहले एमपी पुलिस की जांच पर सवाल उठने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी थी।सीबीआई ने दाखिल की है चार्जशीट
मामले की जांच करने के बाद सीबीआई ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। चार्जशीट में उन पर दहेज प्रताड़ना, क्रूरता और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगाए गए हैं। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सास गिरीबाला पर आरोप है कि उन्होंने ताने मारकर और प्रताड़ित करके ट्विशा को सुसाइड के लिए उकसाया।
ट्विशा की पूर्व जज सास को दे दी थी जमानत
घटना के बाद भोपाल की ट्रायल कोर्ट ने सास गिरीबाला को 15 मई को अग्रिम जमानत दे दी थी, जिसे राज्य सरकार और ट्विशा के माता-पिता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 27 मई को उस जमानत को रद्द कर दिया था। 10 अक्टूबर तक इस मामले में ट्रायल कोर्ट में चार्ज फ्रेम करने को लेकर बहस चल रही थी, जिस पर अब सुप्रीम कोर्ट की रोक लग गई है।










































