डोपिंग जांच में पॉजिटिव पाये जाने के कारण भारतीय महिला एथलीट धनलक्ष्मी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। धनलक्ष्मी पर यह प्रतिबंध एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई (एआईयू) ने लगाया है। इसका कारण धनलक्ष्मी के दो मई को तुर्की में लिए नमूने में मेटांडियनोन (एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड) पाया जाना बताया जा रहा है। मेटांडियनोन विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) कोड के तहत प्रतिबंधित माना जाता है। धनलक्ष्मी का परीक्षण स्विट्जरलैंड के लुसाने में वाडा की मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में ही हुआ था। ऐसे मामलों के लिए निलंबन की अवधि चार साल की होती है पर धनलक्ष्मी ने डोपिंग अपराध और प्रतिबंध स्वीकार कर लिया था। इसके कारण उनकी सजा की अवधि में एक साल की कमी कर दी गयी। धनलक्ष्मी अब 11 जुलाई से तीन साल के लिये प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही एक मई 2022 के उनके सभी परिणामों को भी खारिज कर दिया गया है। एआईयू ने अपने एक बयान में कहा, ‘‘ इस एथलीट ने 19 जुलाई को डोपिंग रोधी नियम के उल्लंघन को स्वीकार कर स्वीकृति फॉर्म पर हस्ताक्षर किए जिससे उनकी सजा में एक साल की कटौती की गयी है।’’ इस मामले में इस एथलीट के पास अब खेल पंचाट में अपील का ही विकल्प बचा है।









































