लालबर्रा (पदमेश न्यूज)। नगर मुख्यालय से लगभग ८ कि.मी. दूरी स्थित ग्राम पंचायत टेकाड़ी ला. के घने जंगलों में बने सर्राटी जलाशय तालाब से सिंचाई के लिए निकाली गई सर्राटी माइनर टेकाड़ी ला. से मानपुर-बेलगांव माइनर नहर किसानों के लिए जीवनदायिनी है। इस माइनर नहर के माध्यम से दर्जनों ग्रामों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचता है परन्तु सर्राटी माइनर नहर विगत कई वर्षाे पुरानी होने के कारण जगह जगह से जीर्णशीर्ण एवं टूट फूट गई थी। जिसके कारण किसानों के खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा था और किसानों की फसले प्रभावित हो रही थी। जिससे परेशान किसानों के द्वारा आंदोलन व धरना प्रदर्शन कर सर्राटी माइनर का लाईनिंग कार्य किये जाने की मांग की गई थी। जिसके बाद शासन प्रशासन के द्वारा किसानों की मांग पर सर्राटी जलाशय से निकाली माइनर नहरों का लाइनिंग कार्य के लिए शासन से राशि स्वीकृत करवाकर एक वर्ष पूर्व लाखों रूपये की लागत से कार्य किया गया है। लेकिन यह निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नही किया गया है और ठेकेदार के द्वारा बहुत सी नहर का अधूरा ही निर्माण कार्य किया गया है जिससे किसानों को बेहद परेशानी हो रही है। इसी तरह से टेकाड़ी ला. मानपुर-बेलगांव की ओर जाने वाली माइनर नहर का ठेकेदार के द्वारा लापरवाहीपूर्वक निर्माण करते हुए और इस सीमेन्टीकरण लाइनिंग नहर का कार्य अधुरा किया गया है। यानि की निर्माण कंपनी के द्वारा मानपुर के समीप बोरी मोहगांव रोड़ तक ही निर्माण किया गया है उसके बाद से अधुरा छोड़ दिया गया है। जिसके कारण मानपुर, बेलगांव के किसानों के खेतों तक नहर का पानी नही पहुंच पा रहा है और साथ ही जिस स्थान तक सीमेन्टीकरण नहर का निर्माण किया गया उसके बाद नहर पुरी जीर्णशीर्ण होने के साथ ही झाडिय़ा उग जाने के कारण आगे तक पानी नही पहुंच पा रहा है। जिसके कारण नहर में छोड़ा गया पानी आगे न पहुंचकर नहर किनारे स्थित खेतों में ही अनावश्यक बह रहा है जिससे किसानों के खेतों में लगी फसलें अधिक पानी जमा होने के कारण खराब हो रही है। वहीं आगे पानी नहीं पहुंचने से अन्य किसानों के खेतों में लगी चना, गेंहू, अलसी सहित अन्य दलहन फसल प्रभावित हो रही है। जिससे किसान परेशान है इसलिए किसानों ने शासन-प्रशासन से अधुरे मानपुर-बेलगांव माइनर नहर का जल्द निर्माण करवाने की मांग की है।
आपकों बता दे कि टेकाड़ी ला. जलाशय तालाब से निकली मानपुर-बेलगांव माइनर नहर मिट्टी की होने के कारण जीर्णशीर्ण होने के साथ ही जगह-जगह से टूट-फुट गई थी जिसके कारण किसानों के खेतों तक नहर का पानी नही पहुंच पा रहा था। जिससे परेशान किसानों ने शासन-प्रशासन से माइनर नहर का सीमेन्टीकरण करने की मांग की थी। जिसके बाद जल संसाधन विभाग के द्वारा लाखों रूपयों की लागत से माइनर नहर का सीमेन्टीकरण कार्य पिछले वर्ष किया गया है परन्तु इस निर्माण कार्य में अनियमितता बरतते हुए अधुरा निर्माण किया गया है। जिसके कारण मानपुर एवं बेलगांव के किसानों तक नहर का पानी नही पहुंच पा रहा है। साथ ही मानपुर एवं बेलगांव सीमा में लगी नहर में पानी नही पहुंचने पर कुछ किसानों ने नहर की जगह में खेती करने लगे है। वहीं मानपुर से बेलगांव तक सीमेन्टीकरण नहर का निर्माण नही होने, नहर के अंदर झाडिय़ा उग जाने एवं जगह-जगह से क्षतिग्रस्त होने के कारण किसानों के खेतों तक पानी नही पहुंच पा रहा है। साथ ही विगत एक वर्ष से अधुरे नहर का सीमेन्टीकरण निर्माण करवाने की मांग कर रहे है लेकिन अब तक निर्माण कार्य नही किया गया है जिसके कारण किसानों में शासन-प्रशासन के प्रति आक्रोश व्याप्त है। साथ ही किसानों ने शासन-प्रशासन से अधुरे कार्य को जल्द प्रारंभ कर पूर्ण करवाने एवं गुणवत्तापूर्ण निर्माण करवाने की मांग की है एवं मांगे पूरी नही होने पर आंदोलन करने की चेतावनी शासन-प्रशासन को दी है।










































