जनपद पंचायत वारासिवनी अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरगांव में एकीकृत प्राथमिक माध्यमिक शाला का नवीन भवन निर्माण करवाया जा रहा है। जहां पर बीते करीब 3 महीना से कार्य बंद पड़ा हुआ है तो वहीं भवन निर्माण में काफी लेट लतीफी की जा रही है जिसको लेकर ग्रामीण जनों में आक्रोश व्याप्त है। जिनके द्वारा प्राथमिक माध्यमिक स्कूल डोंगरगांव के भवन का जल्द निर्माण करने की मांग की जा रही है ताकि नए सत्र में विद्यार्थियों को व्यवस्था का लाभ मिल सके। परंतु उक्त भवन का कार्य अभी पूरा अधूरा पड़ा हुआ है जहां पर केवल ग्राउंड फ्लोर बनाकर फर्स्ट फ्लोर का काम अधूरा पड़ा है जिसमें किसी प्रकार से साफ सफाई वह अन्य कार्य नहीं करवाए गए है। ऐसे में एक वर्ष पूरा होता आ गया है परंतु अभी तक 70 प्रतिशत भवन भी पूर्ण नहीं हो पाया है ऐसे में नया सत्र प्रारंभ होना है। जबकि पुराने भवन में बैठक व्यवस्था पर्याप्त नहीं है जिसके कारण ग्रामीण परेशान है कि उनके बालक बालिकाओं को पूर्व की तरह आगे भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पर्याप्त नहीं है बैठक व्यवस्था
प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल के भवन निर्माण स्थान पर पूर्व में माध्यमिक स्कूल डोंगरगांव का संचालन किया जाता था जहां शासन की नीति के अनुसार एकीकृत कर दिया गया। जिसके कारण प्राथमिक और माध्यमिक दोनों एक स्थान पर संचालित की जाने लगी इस परिस्थिति में स्कूल का भवन जर्जर हो गया था जहां पर अनेकों समस्या होने के कारण पर्याप्त बैठक व्यवस्था न होने से शासन के द्वारा स्कूल भवन स्वीकृत किया गया। इसके बाद माध्यमिक शाला में प्राथमिक और माध्यमिक की 8 कक्षाएं व्यवस्था कर संचालित की जाती थी। इस दौरान उनको कुछ कक्षाओं को बाहर बैठा कर भी पढ़ाया जाता था जहां पर भवन के एक कक्ष में पानी रिस्ता रहता है जबकि आगे बरसात का मौसम आने वाला है और भवन के पूर्ण न होने से कक्षाएं भी वही लगेगी ऐसे में समस्या तो वाजिब है। वर्तमान स्थिति में बैठक व्यवस्था पर्याप्त नहीं है ऐसा प्रतीत हो रहा है।
15 जून से प्रारंभ होगा नवीन सत्र
मध्य प्रदेश शिक्षा विभाग का नया सत्र 15 जून से प्रारंभ होगा जिसमें समस्त शासकीय अशासकीय विद्यालय प्रारंभ हो जायेगे छात्र-छात्रा स्कूल आना प्रारंभ कर देंगे। इसी कड़ी में उक्त स्कूल का भी संचालन प्रारंभ हो जायेगा जहां पर व्यवस्थाओं के कारण समस्या होगी जबकि नया भवन निर्माणधीन है जिसे करीब 1 वर्ष का समय होना बताया जा रहा है। जिसकी कार्य एजेंसी पंचायत है ऐसे में पंचायत के द्वारा गंभीरता से इस भवन निर्माण पर ध्यान दिया होता तो संभवत छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता। परंतु वर्तमान भवन की जो स्थिति है उससे सुविधा का लाभ दूर है जिसको जल्द पूर्ण नहीं किया गया तो बरसात में फिर कार्य बंद रखने से कार्य में समय लगना निश्चित है और इस सत्र भी लोगों को परेशानी में शिक्षा अध्ययन करना पड़ेगा।
ग्रामीण राजेश कनोजे ने बताया कि डोंगरगांव में प्राथमिक शाला भवन बन रहा है करीब एक वर्ष से काम चालू है जिसका अभीतक ना स्लाप पूरा हुआ है ना कमरा बना है। इस नये सत्र में बच्चे कहां बैठकर पढ़ाई करेंगे हमारे गांव के इसलिए हम चिंतित है। प्राथमिक एवं माध्यमिक के बच्चों की अब एक साथ शाला लगाने में समस्या होगी। पुराने भवन में विद्यार्थियों की बैठक व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी ऐसे में नया भवन बनाया गया है और उसका कार्य अभी पूर्ण नहीं हुआ है। यदि यह पूर्ण हो जाता तो बच्चों को नए भवन व्यवस्था होती किंतु यह अब अधूरा निर्माण पड़ा हुआ है।
ग्रामीण सूर्यनारायण कावड़े ने बताया कि 1 वर्ष हो गया है हमारे यहां पर स्कूल की बिल्डिंग बन रही है अभी स्कूल चालू नहीं हुआ है पर नया सत्र बहुत जल्द शुरू होगा। ऐसे में हमारे बालक बालिकाएं कहां बैठेंगे इसकी समस्या हमें है क्योंकि वर्तमान के भवन में छात्र-छात्राओं की बैठक व्यवस्था पर्याप्त नहीं है इसकी शिकायत हमने नहीं करें पर सरपंच को बोले थे कि इस भवन को जल्दी बनाना चाहिए। क्योंकि जल्द निर्माण हो जाता तो सभी को सुविधा होती है यह सुविधा मिलना भी चाहिएपरन्तु अभी काम बंद है।
भाजयुमो ग्रामीण मंडल अध्यक्ष केशव बैस मैं बताया कि यहां बहुत लोग थे जिन्होंने मुझे बुलाकर यह चिंता जाहिर करी की स्कूल का काम बंद पड़ा हुआ है ठेकेदार सेंट्रिंग खोल कर ले जा लिया है। जिसमें हमने सचिव से भी चर्चा करें तो उन्होंने बताया कि इसकी पहली किस्त की राशि 19 से 20 लाख रुपये मिली थी जिसमें काम करवाये हैं और दूसरी किस्त आना है ऐसा बोल रहे हैं। जबकि यह कितना बड़ा जरूरी काम है पर इनकी बातों से मुझे लग रहा है कि झूठ बोल रहा है अगले माह से स्कूल प्रारंभ होने वाला है दिक्कत तो होगी हम चाहते हैं कि यह भवन जल्दी बने।









































