पानी निकासी को लेकर संजय कासल और प्रतीक खंडेलवाल के बीच हुआ विवाद

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श्रीराम मंदिर के समीप स्थित प्रतीक खंडेलवाल के मकान के किनारे स्थित नाली को लेकर प्रतीक खंडेलवाल एवं दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष संजय कासल के मध्य  विवाद हो गया। जिसमें दोनों पक्षों के द्वारा पुलिस थाने में शिकायत देकर एफ आईआर दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रतीक खंडेलवाल के मकान के किनारे स्थित नाली को लेकर तहसील कार्यालय में प्रतीक खंडेलवाल और संजय कासल के बीच विवाद चल रहा है। जहां पर १७ फ रवरी को संजय कासल के बेटे उमंग कासल के द्वारा अपने कुछ कर्मचारियों के साथ नाली सफ ाई कर काम्प्लेक्स की पानी निकासी करवाने के लिए काम्प्लेक्स की दीवार पर रस्सी वाली सीढ़ी लगाकर कर्मचारियों को उतारा गया था। इसके बाद उमंग कासल और प्रतीक खंडेलवाल के बीच में विवाद हुआ और यह  विवाद मारपीट तक पहुंच गया। जिसमें प्रतीक खंडेलवाल के द्वारा संजय कासल पर दुकान में आकर उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया गया है। जिसके बाद दोनों परिवारों ने पुलिस थाना वारासिवनी की शरण ली जहां दोनों पक्ष रिपोर्ट दर्ज करवाने में लगे हुए हैं। वहीं मामले में घायल प्रतीक खंडेलवाल को सिविल अस्पताल में लाकर भर्ती किया गया जहां से उसे बेहतर उपचार के लिये बालाघाट रिफर कर दिया गया है। इस मामले में प्रतीक खंडेवाल की ओर से वार्ड वासी थाने में पहुंचे और दिगम्बर जैन समाज अध्यक्ष संजय कासल पर कठोर कार्यवाही की मांग पुलिस प्रशासन से की है।   फिलहाल उक्त मामले में समाचार लिखे जाने तक पुलिस के द्वारा रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई है।

संंजय कासल ने मुझे मारा है-प्रतीक खंंडेलवाल

घायल प्रतीक खंडेलवाल ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि वह अपनी दुकान में थे और रीना कासल और उमंग कासल से बात हो रही थी। तभी संजय कासल आयें और उनके साथ मारपीट करने लगे। जिन्होंने हमारे घर में घुसने का प्रयास किया क्योंकि उनके द्वारा पीछे कांप्लेक्स बनाया गया है जहां पानी निकासी की जगह उनके द्वारा नहीं दी गई है। वह हमारी जमीन से पानी निकालना चाहते हैं जिसका केश तहसील में चल रहा है। संजय कासल ७ मजदूर लेकर आए और काम करने लगे हमने रोका तो संजय कासल ७ लोग के साथ आकर हमसे मारपीट कर दी । मैं दुकान में था मेरी मां ,दादी और पत्नी भी दुकान में थे उन्हें भी धकेला गया जबकि वह हमारी जगह है। इन्होने ने कंपलेक्स बनाया तो पानी निकासी के लिये जगह नहीं छोड़ी है ,वहां पर संजय कासल, रीना कासल ,उमंग कासल और उनके तीन से चार आदमी थे हम चाहते हैं की कार्यवाही होना चाहियें। जबकि हम बात कर रहे थे और जो कर्मचारी थे वह दरवाजे से नई रस्सी वाली सीढ़ी से बाजू की दीवार से आए थे। जबकि हम एक बार यहां का केश जीत चुके हैं उसके बाद भी दुकान में घुसकर हमारे साथ मारपीट की गई।

हमारे आंगन में घुसकर मारपीट किया है-पार्वती खंडेलवाल

घायल की दादी पार्वती खंडेलवाल ने बताया कि हमारी एक दीवार उनकी एक दीवार और बीच में हमारी गली है  । जहां उनकी नाली नहीं है फि र भी वह चोर जैसा रस्सी से नीचे उतरकर नाली खोदकर पाइप लगा रहे थे। यह हमारे घर के काम करने वालों ने हमें बताया और फि र मेरा लडक़ा आया तो यह देख वह थाने जाने के लिए निकल ही रहा था कि एक व्यक्ति गाड़ी से उतर कर आया और मारने लगा । जिसमें हमारे लडक़े को चोट आई है और मेरे को भी धकेला गया है। हाथ हमारा भी सीधा नहीं हो रहा है ,मैं गिरी तो मेरे पड़ोस के लोग आकर उन्होंने हमें उठाया हमारी नाली हमारी जगह उन्हें अपनी व्यवस्था करनी चाहिए हमारे आंगन में घुसकर मारपीट किया गया है।

घर की गली में उतरे उन्हे मना किया तो  मारपीट करने लगे-नेहा खंडेलवाल

घायल की पत्नी नेहा खंडेलवाल ने बताया कि हमारे हक की गली है उसमें वह अपनी बिल्डिंग से रस्सी के सहारे हमारे घर की गली में उतरे तो उन्हें हमने मना किया। की क्यों आए हो तो वह जबरदस्ती कर मारपीट करने लगे जिनके मैं नाम तो नहीं जानती हूं पर उन्हें चेहरे से पहचानती हंू।

मेरा कॉलर पडक़र कर्मचारियों के फावड़ा छीन लिए गए -उमंग कासल

उमंग कासल ने बताया कि हमारी नाली का विवाद चल रहा है गांधी चौक परिसर में पानी बहता है । जिसको लेकर खंडेलवाल का तहसीलदार के यहां कैश चालू है। कॉम्प्लेक्स में हमने बैंक किरायें पर दिया है जिन्हें पानी निकासी की समस्या है तो नाली सफ ाई करने के लिए कर्मचारी गए थे। वहां उनके घर की महिला आकर कर्मचारियों को बल्ली व पत्थर फेंककर मारने लगे और मेरा कॉलर पडक़र कर्मचारियों के फावड़ा छीन लिए गए। हमारे द्वारा करीब ५ वर्ष पहले कंपलेक्स बनाए गए थे जहां नाली वर्षों से है । इसमें करीब ६ बार हम प्यार मोहब्बत में बात करने गए किंतु बदतमीजी करते हैं । और जहां खाली नाली है वहां पर अलमारी रखकर रास्ता बंद कर दिए हैं जाने नहीं देते हैं जो विवादित जगह है। अब वहां कैसे जाए जो भी हमारे ऊपर आरोप लगे हैं वह सब झूठे हैं हमने मारपीट नहीं किया है।

उमंग कासल के कहने पर  नाली सफ ाई का काम कर रहे थे-अर्जून राऊत

कर्मचारी अर्जुन राउत ने बताया कि वह पांडेवाडा रहते हैं नाली सफ ाई करने के लिए आए हुए थे । उमंग कासल के कहने पर  नाली सफ ाई का काम कर रहे थे। जब हम रस्सी से वहां उतरे तो हमें गाली दिए और एक भैया आए तो उन्होंने कालर पडक़र हमें धक्का मारकर निकाल दिया इसके बाद हमने पीछे देखा नहीं।

इनका कहना है

दूरभाष पर चर्चा में बताया कि पीडि़तो की शिकायत पर वैधानिक कार्यवाही पुलिस के द्वारा की जा रही है।

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