Bhopal Ex IAS Murder Case: भोपाल में पूर्व आईएएस राकेश अग्रवाल की हत्या क्यों की गई, इसकी वजह सामने नहीं आई है। घर में लूट जैसी कोई वारदात भी नहीं हुई है। वहीं, केयरटेकर वरुण अभी फरार चल रहा है। उसे बीना स्टेशन पर देखा गया है।भोपाल: रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या मामले की जांच के बीच एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। उनकी पत्नी निशी ने पुलिस को बताया है कि बुधवार सुबह करीब 4.40 बजे उन्होंने अपने बेडरूम का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन बाहर से बंद था। इसके साथ ही किचन का गैस भी खुला था।केयर टेकर है फरार
वहीं, यह मामला पूरी तरह से रहस्यमयी बन गया है। परिवार में काम करने वाले रसोइए अमर ने पुलिस को बताया कि वरुण घर की 24 घंटे देखभाल करने वाला केयरटेकर था। मुख्य संदिग्ध अभी फरार है। उसे रात को एक बजे घर में घूमते देखा गया था। वरुण ने बताया कि दरवाजा खुलने की आवाज सुनकर वह देखने आया था।
वरुण पूर्व आईएएस के कमरे की ओर गया
यह देखने के बाद अमर अपने कमरे की ओर चला गया। जबकि केयरटेकर वरुण पूर्व आईएएस अग्रवाल के कमरे की ओर चला गया था। ऐसे में पुलिस तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है।बाहर से बंद था बेडरूम का दरवाजा
पूर्व आईएएस की पत्नी निशी ने जांचकर्ताओं को बताया कि हमने बेडरूम का दरवाजा बाहर से बंद पाया तो अमर की पत्नी नीतू को बताया। वह घर स्थित सर्वेंट क्वार्टर में रहती है। पुलिस के अनुसार यह जानकारी नीतू ने अपने पति को दी, जिनके पास घर की डुप्लीकेट चाबी थी। जांचकर्ताओं ने बताया कि अमर ने जब भागकर देखा तो मुख्य दरवाजा भी बाहर से बंद था। उसने पहले उसे खोला और फिर बेडरूम का दरवाजा खोला।
घर में फैल रहा था गैस
पूर्व आईएएस की पत्नी जैसे ही बेडरूम से बाहर निकलीं तो उन्हें पूरे घर में गैस लीक होने की तेज गंध आई। किचन में जाकर देखने पर पता चला कि एलपीजी सिलेंडर के सभी पाइप अलग कर दिए गए थे। आग लगने से बचाने के लिए अमर ने तुरंत सिलेंडर हटा दिए।खून से सन गया हाथ
निशी इसके बाद पति राकेश अग्रवाल के कमरे में गईं। उन्हें बिस्तर पर सोया पाया। निशी ने जब उन्हें जगाने की कोशिश की तो उनका हाथ से खून से सन गया। वह डर के मारे जोर से चिल्लाईं, जबकि अमर ने नब्ज चेक करने की कोशिश की। उन्हें कोई नब्ज नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने केयरटेकर को ढूंढा, लेकिन वह गायब हो चुका था।
20 दिन पहले अस्पताल से आए थे घर
एसीपी अंकिता खटारकर ने बताया कि रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को स्लिप्ड डिस्क से जुड़ी समस्या थी। वह ठीक होने के बाद करीब 20 दिन पहले ही अस्पताल से आए थे। जांच अधिकारियों का कहना है कि आग लगाने की कोशिश में एलपीजी कनेक्टिंग पाइप जानबूझकर हटाए गए हो सकते हैं।सीसीटीवी में भागते दिखा व्यक्ति
वहीं, मामले में पुलिस को एक अहम सुराग मिला है। एक संदिग्ध व्यक्ति रात को करीब 2 बजकर 15 मिनट में भागते हुए दिखा है। सीसीटीवी में यह कैद है। पुलिस के मुताबिक, हत्या संभवतः बुधवार को रात 12:30 बजे से 2 बजे के बीच की गई थी।
पत्नी को ले जाया गया अस्पताल
शव को पीएम के बाद फ्रीजर में रख दिया गया है। पति की हत्या के बाद पत्नी निशी सदमे में चली गई हैं। उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। रतीबड़ पुलिस ने बागसेवनिया स्थित उस एजेंसी के ऑपरेटर से पूछताछ की है, जिसके जरिए केयरटेकर वरुण को काम पर रखा गया था।पंजाब से आया था भोपाल
एजेंसी के ऑपरेटर के अनुसार, वरुण ने अगस्त 2006 में ऑनलाइन मिले नंबर पर उनसे संपर्क किया था और बाद में पंजाब के पटियाला से भोपाल आया था। पुलिस ने बताया कि उसने ऑपरेटर को कहा था कि वह जिस फोन नंबर का इस्तेमाल कर रहा है, वह उसकी बहन का है। साथ ही उसने अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड और पुलिस वेरिफिकेशन दस्तावेजों की कॉपी भी जमा की थी।
अमेरिका में है बेटा
वहीं, मृतक आईएएस राकेश अग्रवाल का बेटा अमेरिका में रहता है। उसके आने के बाद ही पूर्व आईएएस अधिकारी का अंतिम संस्कार होगा। केयरटेकर को बीना स्टेशन पर देखा गया है। वह हत्या के बाद भोपाल स्टेशन पर गया था। वहां से ट्रेन पकड़कर भागा है।










































