“बॉर्डर बंद करो, स्थिति पर नियंत्रण पाओ”सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि फ्रांस इस समय हिंसा की आग में जल रहा है।Trump on France: फ्रांस में महंगाई, स्कूली शिक्षा के गिरते स्तर और आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक दंगों का रूप ले लिया है। स्थिति को संभालने के लिए कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है और हजारों लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस देशव्यापी हिंसा के लिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की इमिग्रेशन (प्रवासन) नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
ट्रंप का सख्त बयान
“बॉर्डर बंद करो, स्थिति पर नियंत्रण पाओ”सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा कि फ्रांस इस समय हिंसा की आग में जल रहा है। फ्रांस जल रहा है! एक पूरी तरह से अलग दुनिया के लोगों के आव्रजन (इमिग्रेशन), जिनके दिलों में नफरत भरी है, उसने इस महान देश को तबाह कर दिया है। बहुत देर होने से पहले अपनी सीमाओं को बंद करें और स्थिति पर नियंत्रण पाएं। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अगर मैक्रों प्रशासन ने कठोर कदम नहीं उठाए, तो पेरिस की स्थिति और भी बदतर हो जाएगी।
पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बनने जा रहा है
ट्रंप ने आरोप लगाते हुए कहा कि पेरिस बहुत जल्द एक मुस्लिम शहर बनने जा रहा है, और यह समझौता नहीं था। प्रवासियों की भारी आमद ने फ्रांसीसी राजधानी की जनसांख्यिकी को काफी हद तक बदल दिया है। व्हाइट हाउस के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने मैक्रों को वर्षों पहले ही बड़ी संख्या में प्रवासियों को फ्रांस में प्रवेश की अनुमति न देने की चेतावनी दी थी।फ्रांस में हालात बेकाबू
पेरिस, मार्सेली और लिमोगेस जैसे प्रमुख शहरों में नकाबपोश उपद्रवियों ने टाउन हॉल (सिटी हॉल), सरकारी इमारतों और दुकानों में आगजनी व लूटपाट की है। फ्रांसीसी गृह मंत्रालय के अनुसार, अब तक लगभग 1,000 पुलिसकर्मी और अग्निशामक घायल हुए हैं। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए देशभर में कर्फ्यू लागू किया गया है और 2,400 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
राष्ट्रपति मैक्रों का रुख
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने हिंसा की कड़ी निंदा की है और कहा है कि “विरोध प्रदर्शन करने के अधिकार के नाम पर की जा रही बर्बरता और अराजकता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” मैक्रों ने सुरक्षा समीक्षा के लिए आपातकालीन बैठक बुलाई है और स्पष्ट किया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ सरकार कोई रियायत नहीं बरतेगी।










































