प्रदेश के ज्यादातर जिलों में इनदिनों रोजाना बारिश हो रही है। सागर, रीवा, ग्वालियर, चंबल संभाग के जिलों में आज भारी वर्षा होने की संभावना है। शुक्रवार को मप्र के अधिकतर जिलों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के आसार हैं। पश्चिमी मध्यप्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में बना चक्रवात समाप्त हो गया है। मानसून ट्रफ भी उत्तर प्रदेश की तरफ खिसक गया है। हालांकि झारखंड एवं उससे लगे छत्तीसगढ़ पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बन गया है। इस मौसम प्रणाली के गुरुवार को आगे बढ़ने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक बुधवार को सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक खजुराहो में 19, सिवनी में छह, ग्वालियर में 1.2, मंडला में एक, मलाजखंड में 0.4 मिलीमीटर वर्षा हुई। वर्तमान में अलग-अलग स्थानों पर पांच मौसम प्रणालियों के सक्रिय रहने के कारण मप्र में रुक-रुककर वर्षा होने का सिलसिला बना हुआ है। पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला के अनुसार, वर्तमान में उत्तरी पाकिस्तान पर एक पश्चिमी विक्षोभ हवा के ऊपरी भाग में चक्रवात के रूप में बना हुआ है। झारखंड और उससे लगे छत्तीसगढ़ पर भी हवा के ऊपरी भाग में एक शक्तिशाली चक्रवात बन गया है। मानसून ट्रफ गंगानगर, रोहतक, मेरठ से होते हुए फुरसतगंज, पुरुलिया और पूर्वोत्तर बंगाल की खाड़ी तक विस्तृत है। साथ ही कोंकण तट से उत्तरी केरल तट के सामानांतर अपतटीय ट्रफ मौजूद है। महाराष्ट्र पर विपरीत दिशा की हवाओं (पूर्व-पश्चिमी) का टकराव हो रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ मौसम विज्ञानी ममता यादव के अनुसार, गुरुवार को झारखंड और उसके आसपास बने चक्रवात के आगे बढ़ने के आसार हैं। इसके प्रभाव से शुक्रवार से मप्र के अधिकतर जिलों में एक बार फिर रुक-रुककर बौछारें पड़ने का सिलसिला शुरू हो सकता है। इस दौरान जबलपुर, शहडोल संभागों के जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा भी हो सकती है।









































