प्रशासन के दावों की खुली पोल, आश्वासन के बाद भी प्यासा है मिरेगांव

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली और जमीनी हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला होता है। इसका प्रत्यक्ष उदाहरण बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग पर स्थित ग्राम पंचायत मिरेगांव में देखने को मिल रहा है। इस ग्राम में पिछले कई दिनों से गहराया पेयजल संकट अब ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ रहा है। जिला प्रशासन और पीएचई विभाग द्वारा पानी की समस्या को दुर करने का आश्वासन दिया गया था कि ५ मई तक नल-जल योजना की पाइपलाईन में जो तकनीकी खराबी आई है उसे दुरूस्त कर नियमित रूप से पानी प्रदाय किया जायेगा। लेकिन अब तक इस समस्या का समाधान नही किया गया है। इस तरह से प्रशासन के द्वारा ग्रामीणों की समस्या समाधान के दिये गये दावों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है जिससे ग्रामीणजनों में आक्रोश व्याप्त है। वहीं ग्रामीणजनों ने जल्द नल-जल योजना की पाइपलाईन में आई तकनीकी खराबी को दुरूस्त कर पानी सप्लाई नही होने पर घरों पर लगे नल कनेक्शन की टोटी को निकालकर पंचायत में जमा कर आंदोलन करने की चेतावनी प्रशासन को दी है।

कागजों पर सुधरी व्यवस्था, जमीन पर बूंद-बूंद को मोहताज

आपकों बता दे कि ग्राम पंचायत मिरेगांव में जल संकट गहरा जाने से पानी की विकराल समस्या उत्पन्न हो चुकी है क्योंकि कि गर्मी शुरू होते ही ग्राम के पूरे कुएं सुख चुके है और हेंडपंप का भी जल स्तर नीचे चले गया है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणजन वैनगंगा बड़ी नहर एवं दुर स्थित बोर व हेंडपंप से पानी लाकर उपयोग कर रहे है। साथ ही कुएं सूख जाने एवं नल-जल योजना का पानी नही मिलने के कारण पानी के लिए त्राही-त्राही मची हुई है। ऐसी स्थिति में सबसे अधिक परेशानी मवेशियों के लिए पानी हुई है। इस पानी की समस्या को लेकर गत दिवस ग्रामीणजनों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को पानी की समस्या से अवगत करवाकर नल-जल योजना के पाइपलाईन में आई तकनीकी खराबी को दुरूस्त कर नियमित रूप से पानी प्रदाय करने की मांग किये थे। वहीं जिला प्रशासन से शिकायत होने के बाद पीएचई विभाग के द्वारा एक-दो दिन काम किया गया और जिला प्रशासन को पाइपलाईन का कार्य पूर्ण हो जाने एवं पेयजल आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू हो जाने की जानकारी दे दी गई थी। जबकि पाइपलाईन का कार्य पूरी तरह से पूर्ण भी नही हुआ था। इस तरह से कुछ समय पूर्व पीएचई विभाग द्वारा एक भ्रामक खबर प्रसारित करवाई गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि गांव में पाइपलाईन का कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है और पेयजल आपूर्ति सुचारू है। विभाग के इस सफेद झूठ ने ग्रामीणों को आक्रोशित कर दिया। जब ग्रामीणों ने इसका कड़ा विरोध किया, तब प्रशासन ने आनन-फानन में हस्तक्षेप कर ५ मार्च तक पाइपलाईन में आई तकनीकी खराबी को सुधार कर यानि की दुरूस्त कर पानी प्रदाय करने की बात कही थी। लेकिन आज भी समस्या जस की तस बनी हुई है, महज नीचले स्तर के कुछ वार्ड में ही नल-जल योजना का पानी मिल रहा है, शेष वार्डों में एक बुंद पानी नही मिल रहा है। जिसके कारण ग्रामीणजन खासा परेशान है। इस तरह से कागजों पर व्यवस्था सुधरी है, जमीन पर बूंद-बंूद पानी को मोहताज है ग्रामीणजन।

बैलगाडिय़ों से ढोया जा रहा पानी, पशुधन पर भी संकट

अभी गर्मी की तपिश शुरू भी नहीं हुई है और गांव के जल स्रोत जवाब दे चुके हैं। वहीं ग्राम मिरेगांव में ग्रामीण अपनी दैनिक जरूरतों के लिए नहरों और दूर-दराज के बोरवेल पर निर्भर हैं। आलम यह है कि चिलचिलाती धूप में लोग बैलगाडिय़ों, हाथठेला, रिक्शा पर पानी ढोने को मजबूर हैं। न केवल आम जनमानस, बल्कि मूक पशुधन के लिए भी पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्च की शुरूआत में यह हाल है, तो मई-जून की भीषण गर्मी में स्थिति भयावह हो जायेगी। साथ ही यह भी कहा कि शासन के द्वारा करोड़ों रूपयों की नल-जल योजना के तहत घर-घर नल कनेक्शन किया गया है ताकि ग्रामीणों को शुध्द पानी मिल सके। लेकिन इस योजना का कुछ वार्ड में तो जब से पाइपलाईन लगाकर नल कनेक्शन किया गया है जब से एक बूंद पानी नही आया है, सिर्फ नल घर की शोभा बढ़ा रही है। कई बार जिम्मेदारों को इस समस्या से अवगत करवा चुके है लेकिन प्रशासन की ढुलमुल कार्यप्रणाली दर्शाती है कि ग्रामीणों की मूलभूत समस्याओं के प्रति अधिकारी कितने लापरवाह है। विभाग केवल अपनी फाइलों को दुरूस्त करने में लगता है। जबकि धरातल पर जनता प्यासी मर रही है। जल्द ही पेयजल व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं किया गया, तो ग्रामीणजन नल की टोटी निकालकर विरोध प्रदर्शन करेगें जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

दूरभाष पर चर्चा में पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री बीएल उइके ने बताया कि मिरेगांव में नल-जल योजना की पाइपलाईन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसकेे कारण पानी मिल पा रहा था। ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए पाइपलाईन का सुधार कार्य किया जा रहा है और पानी सप्लाई भी शुरू हो चुकी है, जिन वार्डों में पानी नही पहुंच रहा है तो उक्त वार्डों में भी जल्द नल-जल योजना का पानी पहुंच जायेगा।

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