जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर गर्रा से एकोड़ी मार्ग पर रेलवे पटरी के नीचे बने अंडर ब्रिज पर पानी भरा होने के कारण लोगों को आवागमन करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अंडर ब्रिज के निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए रास्ता नहीं बनाए जाने के कारण अंडर ब्रिज से पानी बाहर नहीं निकल पाता और अंडरब्रिज में पानी भरा होने के कारण बारिश के समय यहां से वाहन नहीं निकल पाते। ऐसी स्थिति में बड़े वाहनों को चाहे वे दो पहिया वाहन हो या चौपहिया वाहन इन्हें 5 किलोमीटर फेरे से जाना पड़ता है। वही अधिकांश लोगों को अपनी साइकिल को उठाकर अंडर ब्रिज के ऊपर रेलवे पटरी पार करते हुए जाना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अभी ट्रेन बंद है तो फेरे से बचने ग्रामीण अपने साइकिल को लेकर रेलवे पटरी पार कर लेते हैं लेकिन ट्रेन चालू रहने के दौरान रेलवे पटरी से जाने में भय बना रहता है।
पानी से गाड़ी निकालने में रहता है जान का जोखिम
यह बताएं कि बारिश के दौरान अंडर ब्रिज में पानी भरा होने के कारण इस मार्ग पर आवागमन बंद रहता है कई वाहन चालक पानी से भी अपनी गाड़ी को निकालने का प्रयास करते हैं लेकिन जान का जोखिम बना रहता है। क्षेत्र के लोगों द्वारा इस समस्या का निराकरण करने कई बार आवाज उठाई गई लेकिन अब तक समस्या का निराकरण नहीं किया गया।
कई ग्रामों के लोग करते हैं आवागमन
रेलवे पटरी से जाने वाले लोगों ने इस समस्या को लेकर काफी आक्रोश व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि इस मार्ग से कई गांव के लोग आना-जाना करते हैं यहां अंडर ब्रिज सहीं नहीं बनाया गया है जिसके कारण वहां से पानी ही नहीं छटता। इस समस्या का निराकरण करने शासन प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए।
सरकार की लापरवाही के कारण बनी समस्या – नानकराम
कासपुर निवासी नानकराम बनकर ने कहा कि इस अंडर ब्रिज के लिए सरकार ने कई बार पैसा लगाया फिर भी इस ब्रिज से पानी नहीं निकलता। पानी नहीं निकलने के कारण जनता परेशान होती है ऐसी स्थिति में लोग रेलवे पटरी के ऊपर से आना-जाना करते हैं। ब्रिज से पानी नहीं निकलने के लिए इसे सरकार की लापरवाही ही कहा जाएगा। इस मार्ग से मंगेझरी, सालईटोला, कासपुर, मेंडकी, डोंगरमाली सहित कई ग्रामों के दूर-दूर के लोग इसी मार्ग से जाते हैं।
इस मार्ग के अलावा कोई विकल्प भी नहीं है – नेमेंद्र
एकोड़ी निवासी नेमेंद्र तुरकर ने बताया कि अंडर ब्रिज में पानी भरा रहने के कारण लोगों को रेलवे पटरी के ऊपर से जाना पड़ता है। अंडर ब्रिज का पानी ही नहीं छटता, बारिश के समय लोग आवागमन ही यहां से नहीं कर पाते। अंडर ब्रिज सही नहीं बनाया गया, यहां से पानी बाहर निकले उसके लिए कोई उपाय किया जाना चाहिए। रेलवे पटरी से जाने में डर लगता है लेकिन इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है।
बारिश के समय आवागमन करना बहुत कठिन होता है – पुसाम
राहगीर श्री पुसाम ने बताया कि अंडरब्रिज बनते समय लोगों द्वारा उन्हें बोला गया था लेकिन लोगों की बात पर ध्यान नहीं दिया गया। पानी भरा होने कारण सभी लोग रेलवे पटरी पर से ही साईकिल उठाकर आना-जाना करते हैं बारिश के समय यहां से आवागमन करना बहुत कठिन हो जाता है। इस समस्या का निराकरण करने शासन प्रशासन द्वारा ध्यान दिया जाना चाहिए।
कई बार पंप से पानी निकालते हैं – प्रभु कावरे
ग्रामालय जरी निवासी प्रभु कावरे ने बताया कि अंडर ब्रिज में नीचे पानी भरा रहता है, बरसात में गाडिय़ां नहीं निकलती ऐसी स्थिति में वाहन चालकों को रेंगाटोला के तरफ से जाना पड़ता है उसमें 4 से 5 किलोमीटर का फेरा पड़ता है। ट्रेन बंद है इसलिए अभी लोग रेलवे पटरी पर से आना-जाना कर लेते हैं। कई बार अंडर ब्रिज से पंप के माध्यम से पानी निकालते हैं फिर भी वहां थोड़ी देर में पानी भर जाता है।










































