महाराजपुर नल जल योजना बनी शोभा की सुपारी,ग्रामीण आज भी पानी के लिए तरस रहे

0

दो साल से खड़ी पानी की टंकी अधूरा पड़ा योजना का काम,पारंपरिक जल स्रोतों के भरोसे ग्रामीण

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत डोंगरगांव के ग्राम महाराजपुर में नल जल योजना का कार्य अधूरा होने से ग्रामीणों को अब तक शुद्ध पेयजल की सुविधा नहीं मिल पाई है। गांव में करीब दो वर्ष से पानी की टंकी बनकर तैयार खड़ी है,लेकिन योजना का संचालन शुरू नहीं होने से यह ग्रामीणों के लिए महज शोभा की सुपारी बनकर रह गई है। वहीं पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को आज भी हैंडपंप और कुओं जैसे पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने शासन प्रशासन से नल जल योजना का कार्य शीघ्र पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराने की मांग की है।

दो साल बाद भी घरों तक नहीं पहुंचा पानी

प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम महाराजपुर में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत हर घर नल हर घर जल की परिकल्पना के तहत नल जल योजना स्वीकृत की गई थी। योजना के माध्यम से ग्रामीणों को घरों तक नल से पानी उपलब्ध होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण यह उम्मीद अब तक पूरी नहीं हो सकी है। गांव में पानी की टंकी बने लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं इसके बावजूद योजना का संचालन शुरू नहीं हुआ है। ऐसे में सरकारी योजना का लाभ मिलने के बजाय ग्रामीणों को पानी की व्यवस्था स्वयं करनी पड़ रही है। पानी के लिए हैंडपंप और कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। पानी प्राप्त करने के लिए उन्हें लगभग १०० मीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और बढ़ जाती है। पिछली गर्मी के दौरान हैंडपंपों के सूखने से गांव में गंभीर जल संकट की स्थिति निर्मित हो गई थी और लोगों को पानी के लिए काफ ी मशक्कत करनी पड़ी थी। इसके बावजूद योजना का काम पूरा नहीं होने से ग्रामीणों को इस वर्ष भी पेयजल की समस्या से निजात मिलने की उम्मीद कम नजर आ रही है। वैकल्पिक जल स्रोतों पर निर्भरता के कारण उन्हें स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है। गांव में बुखार और वायरल संबंधी बीमारियों की शिकायतें आम होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि इन बीमारियों का कारण दूषित पानी ही है इसकी पुष्टि नहीं हुई है लेकिन ग्रामीणों को आशंका है कि सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता नहीं होने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। ग्रामीणों के द्वारा संबंधित विभाग और मुख्यमंत्री शिकायत पोर्टल १८१ पर भी शिकायत दर्ज कराई गई थी,समाधान का आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने शिकायत वापस ले ली थी। लेकिन इसके बावजूद आज तक नल जल योजना का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है ग्रामीणों ने शासन प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि नल जल योजना के अधूरे कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाए। साथ ही योजना का संचालन शुरू कर प्रत्येक घर तक नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।

जल योजना का पानी के लिये तरस रहे ग्रामीण-भूपसिंह एड़े

ग्रामीण भूपसिंह एड़े ने बताया कि ३ वर्षों से नल जल योजना का ग्राम में काम चल रहा है परंतु आज तक कुछ काम पूर्ण नहीं हो पाया है । ना पाइपलाइन पूरी हुई है ना ही पानी की टंकी का पूर्णता निर्माण हो पाया है। सब कार्य अधूरे पर लटका हुआ है आज भी हम कुएं और हैंडपंप का पानी पीने के लिए मजबूर हो रहे हैं , तकरीबन १०० मीटर की दूरी पर हर किसी को पानी लाने जाना पड़ता है। ऐसे में बच्चे स्कूल जाने और लोग काम पर जाने के लिए लेट हो रहे हैं बहुत ज्यादा दिक्कत बनी हुई है। यह नलजन योजना पूरी नहीं हो पाई है इसके लिए हमारे द्वारा १८१ पर शिकायत की गई थी एक महीने का आश्वासन दिया था कि काम पूरा कर देंगे। ४ महीना बीत गया है काम पूरा तो दूर काम करने लोग नहीं आए। पीएचई विभाग को भी हमने इसकी शिकायत करें हैं।

नल जल योजना की स्थिति बहुत खराब है २ वर्ष से पानी टंकी बनी-दिनेश गौतम

ग्रामीण दिनेश गौतम ने बताया कि नल जल की स्थिति बहुत खराब है २ वर्ष से पानी टंकी बनी हुई है इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। पाइपलाइन भी आधी अधूरी डाले हैं हमारे यहां काम चल रहा था तो हमने रुकवाया था फि र अभी हमने डालने के लिए कहा पाइपलाइन तो ६ माह से काम रुका पड़ा है। अभी हमारे यहां पानी की समस्या नहीं है किंतु गर्…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here