राजगढ़ में छाया सीजन का सबसे घना कोहरा, शीतलहर जैसे बने हालात

0

मिचौंग तूफान का प्रभाव समाप्त हो चुका है। इस कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। आसमान के साफ होते ही रात के तापमान में गिरावट तो दिन में धूप खिलने से दिन के पारे में वृद्धि हुई है। रात में ठिठुरन से शीतलहर जैसे हालात है। लोगों को सर्दी तो सता रही है, लेकिन दिन में खिली धूप के कारण लोगों को ठंड से हल्की-सी राहत मिली है।

शुक्रवार की शुरुआत इस सीजन के सबसे अधिक घने कोहरे के साथ हुई। इससे राजगढ़ सुबह साढ़े आठ बजे तक कोहरे की आगोश में लिपटा नजर आया। इस दौरान दृश्यता 10 से 20 मीटर ही रह गई थी। कोहरा इतना घना था कि कुछ दूर पर खड़ा व्यक्ति भी नजर नहीं आ रहा था। नौ बजे धूप खिलते ही मौसम खुशनुमा हो गया।

मौसम विभाग का कहना है कि दिन के पारे में एक डिग्री की बढ़ोतरी के साथ पारा 26 डिग्री तो रात का पारा 14 डिग्री दर्ज किया गया है, जो कि इस सीजन और अब तक का सबसे कम तापमान रहा। अब धीरे-धीरे रात के पारे में गिरावट आती जाएगी और ठंड जोर पकड़ती जाएगी। ऐसे में लोगों को अपनी सेहत की चिंता करते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए।

चिमनी की तरह नजर आई हेडलाइट

सुबह नौ बजे तक वाहनों की चाल बहुत ही धमी रही। इस दौरान वाहन चालकों ने बड़ी सतर्कता के साथ अपने वाहन चलाए। कोहरा इतना घना था कि वाहनों की हेडलाइट भी चिमनी की तरह नजर आई। वाहन रेंगते हुए चले। फिर नौ बजे बाद सूर्य देवता ने दर्शन दिए और कोहरे को छूमंतर कर दिया। 10 बजे बाद नजारा साफ हो गया। राजगढ़ की बात करे तो यहां पर सुबह टहलने के लिए लोग करीब 10 मीटर की दूरी पर ही नजर नहीं आ रहे थे। इस दौरान आदर्श मार्ग पर वाहन चालकों ने अपने वाहनों की हेडलाइट जलाकर आवागमन किया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here