पदमेश न्यूज़,बालाघाट।ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने, एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में सख्त यूजीसी कानून लागु करने,चुनाव ईवीएम से ना कराते हुए बैलेट पेपर से कराने और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त करने सहित अपनी अन्य मांगों को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा और भारत मुक्ति मोर्चा द्वारा राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की शुरूआत की गई है।जिसके प्रथम चरण में शुक्रवार 6 मार्च को दोनो ही संगठन से जुड़े पदाधिकारियो ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुचकर सँयुक्त रूप से एक ज्ञापन सौंपा था।जिंसमे उन्होंने उक्त सभी मांगो को जल्द से जल्द पूरा किए जाने की गुहार लगाई थी।तो वही चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत उन्होंने आज शुक्रवार 13 मार्च को नगर के अंबेडकर चौक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर मांगो को लेकर जमकर नारेबाजी की।जिन्होंने इस पर भी मांग पूरी ना होने पर आंदोलन के तीसरे चरण 23 मार्च को राष्ट्रव्यापी रैली निकालकर ज्ञापन सौपने, और उसपर भी मांग पूरी ना होंने पर आंदोलन के चौथे व अंतिम चरण के तहत 23 अप्रैल को भारत बंद आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।
तो 23 अप्रैल को करेंगे भारत बंद आंदोलन- ठवकर
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान प्रदेश महासचिव रामदास ठवकर ने बताया कि संगठनो ने संयुक्त रूप से 6 मार्च से अपनी मांगो के समर्थन में राष्ट्रव्यापी आंदोलन का शंखनाद किया था। देश की भाजपा सरकार जनगणना में जाति आधारित जनगणना नहीं कर रही है, जिसमें ओबीसी की जाति आधारित जनगणना ना कराकर, भाजपा सरकार, ओबीसी के साथ धोखाधड़ी कर रही है। उन्होंने बताया कि जनगणना के कॉलम में ओबीसी जाति आधारित जनगणना का कालम नहीं है, जिससे देश में ओबीसी की संख्या कितनी है, यह पता नहीं चल पाएगा। जबकि सरकार को चाहिए कि वह ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराए, ताकि देश में निवासरत ओबीसी की वास्तविक संख्या, जनगणना से साफ हो सके। उन्होंने बताया इसके अलावा संगठनो की मांग है कि एससी, एसटी और ओबीसी के समर्थन में सरकार यूजीसी बिल लागु करें और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षको को शिक्षक पात्रता परीक्षा से मुक्त किया जाए।वही ईवीएम से चुनाव ना कराते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाए सहित अन्य मांगों को पूरी किए जाने की गुहार लगाई।उन्होंने बताया कि चरणबद्व आंदोलन के तहत 6 मार्च को देश के सभी जिला मुख्यालयो में अपनी मांगो को लेकर संगठन कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपा था। जिसके बाद आज 13 मार्च को मुख्यालयो में धरना प्रदर्शन किया गया है आंदोलन के तीसरे चरण में, 23 मार्च को रैली निकालकर आंदोलन किया जाएगा।उसपर भी यदि मांग पूरी नही कि जाति तो फिर 23 अप्रैल को भारत बंद आंदोलन किया जाएगा।










































