बहेला थाना अन्तर्गत ग्राम टिमकीटोला रिसेवाड़ा बेरियर में 30 जून को कृषि अधिकारियों के द्वारा अवैध रूप से खाद एवं उर्वरको की बिक्री एवं परिवहन करते दो व्यक्तियों को पकड़ा गया जिनके विरुद्ध 3 जुलाई को महिला थाने में पुलिस द्वारा अपराध दर्ज किया गया। मामले के संबंध में कृषि विकास अधिकारी वीरेंद्र काकोटिया एवं डीएसओ कृषि खुदीराम सनोदिया ने बहेला पुलिस को जानकारी में बताया कि 30 जून के शाम करीबन 8.30 बजे ग्राम टिमकीटोला रिसेवाडा बेरियर नाका मे विकास खण्ड लांजी में उनके द्वारा के भ्रमण के दौरान पाया गया कि वाहन क्रमांक सीजी 04 एलवी 9591 टाटा योध्दा वाहन मे श्री मूर्ती इंडस्ट्रीज परमल ( ब्रांड नवरत्ना बी.ए.पी. निर्माण तारीख 2021-22 ) बीएडी – 50 नग जिसकी कीमत 37 हजार 500 रूपये है एवं मैजिक पावर नाम से 50 बाल्टी जो रतनादीप क्रॉप साइंस प्रायवेट लिमिटेड की है जिसकी कीमत करीबन 25 हजार रूपये है। समस्त सामग्री की कुल कीमत 62 हजार 500 रूपये है। मौके पर उनके द्वारा ड्रायवर से पूछताछ करने पर किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए एवं ड्रायवर द्वारा बताया गया कि वाहन में रखा उर्वरको की उपरोक्त मात्रा महेश भौतेकर पिता सीताराम भौतेकर निवासी ग्राम बोरगांव थाना किरनापुर का है जो कि केन्द्र – इंडियन बायोटेक होल सेल डीलर शीडस, पेस्टीसाईडस, फर्टीलाईजर ऑफिस अशोक वाटिका, भाटागांव रायपुर से क्रय कर अपने निवास स्थान ग्राम बोरगांव विक्रय करने की मंशा से ला रहा था। कृषि अधिकारी द्वारा ड्रायवर से नाम पता पूछने पर अपना नाम रवि उर्फ राकेश पिता ढालसिंह सोनकर जाति माली उम्र 26 साल रायपुर होने का बताया गया है। गाडी को चेक करने पर यह पता चला कि गाडी मे रखा उर्वरको की मात्रा जो कि रायपुर छ.ग. से लाया जा रहा था ड्रायवर से पूछताछ करने पर उर्वरको के संबंध में किसी प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराये गये है। वाहन मे रखे उर्वरको को मध्य प्रदेश में बेचने की परमिशन न होने तथा उर्वरक क्रय कर्ता महेश भौतेकर के आने पर उर्वरको के संबंध मे बैध दस्तावेज पूछने पर नही होना पाये जाने के कारण वाहन मे रखे उपरोक्त उर्वरको को अधिकारियों द्वारा जप्ती की कार्यवाही कि गई है। कृषि अधिकारियों द्वारा यह कार्यवाही करने के बाद दोनों आरोपियों के विरुद्ध बहेला थाना में शिकायत दर्ज की गई जिसके बाद 3 जुलाई को दोनों आरोपियों के विरुद्ध बहेला पुलिस द्वारा वस्तु अधि. 1955 की धारा 3/7 फर्टीलाईजर ( नियंत्रण ) आदेश 1985 की धारा 7 एवं फर्टीलाईजर ( मुमेंट कंट्रोल ) आदेश 1973 की धारा 3 के तहत अपराध दर्ज कर मामला दर्ज किया गया।










































