कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा 17 नवंबर को दक्षिण बैहर के अंतर्गत आने वाले मोहनपुर पंचायत सहित आसपास के स्कूलों का निरीक्षण के दौरान लापरवाही पाए जाने पर मोहनपुर की प्राचार्य श्रीमती मेश्राम को निलंबित और अन्य 10 अलग-अलग स्कूल के शिक्षकों पर एक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश दिए थे।
मोहनपुर प्राचार्य के निलंबन का रिएक्शन 18 नवंबर को ही दिखाई दिया जब स्कूल के बाहर छात्रों ने तक की लगाकर अपनी प्राचार्य के निलंबन का विरोध जताया तो लगा कि शायद जिला प्रशासन से कुछ चूक हो गई जल्दबाजी में निलंबित कर दिया गया।
लेकिन रविवार को मोहनपुर सहित आसपास के 4 पंचायत के सरपंच और उनके प्रतिनिधि सहित अन्य जनप्रतिनिधि एकत्रित हुए और उन्होंने बैठक की इस दौरान कलेक्टर डॉ गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा मोहनपुर की प्राचार्य श्रीमती मेश्राम को निलंबित किए जाने को सही ठहराया गया। यही नहीं उनके द्वारा तो प्राचार्य पर लापरवाही करने का भी आरोप लगा दिया गया। और प्राचार्य और शिक्षकों पर की गई कार्यवाही को यथावत रखे जाने की मांग की ।
स्थानीय जनों ने यहां तक आरोप लगाया कि छात्र-छात्राओ ने शिक्षकों के बहकावे में आकर धरने पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया, इससे वे आक्रोशित हो गए और उनके द्वारा रविवार को ग्राम पंचायत मोहनपुर में बैठक रखी गई, जहां उनके द्वारा जिला मुख्यालय पहुंचकर प्राचार्य और शिक्षकों के विरुद्ध की गई कार्यवाही को यथावत रखने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया।
वही बैठक में मौजूद सरपंच गणों ने बताया कि प्राचार्य द्वारा स्कूली बच्चों को बोलकर धरना प्रदर्शन स्कूल के सामने करवाया गया था, गांव से गलत संदेश जाने के कारण 18 गांव के पालक लोगो द्वारा बैठक लेकर मंगलवार के दिन जनसुनवाई में जाकर बच्चों से धरना प्रदर्शन कराए जाने के खिलाफ शिकायत किए जाने का निर्णय लिया गया है।










































