वन समिति अध्यक्ष की मनमानीबिना अनुमति कटवाये १६ नग बेशकीमती सागौन के पेड़, ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। जनपद पंचायत लालबर्रा के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत पाथरी के फोगलटोला के वारासिवनी वन परिक्षेत्र के आने वाले कनकी सहायक परिक्षेत्र से वन अपराध का एक गंभीर मामला सामने आया है। पाथरी फोगलटोला वन समिति के अध्यक्ष दिलीप बागड़े पर ग्रामीणों ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए बिना वन विभाग की अनुमति लिए फोगलटोला स्थित उपवन से १६ नग बेशकीमती सागौन के पेड़ों को काटने का आरोप लगाया गया। वहीं उपवन से बेशकीमती सागौन के पेड़ काटे जाने की घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में खासा आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने की मांग वन विभाग से की है।

आपकों बता दे कि वारासिवनी वन परिक्षेत्र की कनकी सहायक परिक्षेत्र के अंतर्गत फोगलटोला पाथरी वन समिति है और इस क्षेत्र में स्थित उपवन में सागौन प्रजाति के पौधे लगाये गये है जो बड़े हो चुके है। साथ ही फोगलटोला पाथरी वन समिति के अध्यक्ष दिलीप बागड़े है और इस उपवन में बहुतायत संख्या में सागौन के पौधे लगे हुए है। जिसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी वन विभाग एवं वन समिति की है जिसमें अध्यक्ष का दायित्व भी अधिक रहता है। लेकिन उसी अध्यक्ष के द्वारा बिना अनुमति लिये उपवन क्षेत्र से सागौन के १६ नग पौधे काटे गये है जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। जबकि वन क्षेत्र से पौधों की कटाई करना होता है तो उसके लिए नियमानुसार वन विभाग से अनुमति लेनी पड़ती है। लेकिन बीती रात्रि मेें फोगलटोला पाथरी वन समिति के अध्यक्ष श्री बागड़े ने विभाग के नियमों को ताक पर रखकर अपनी मर्जी से मशीन लगाकर उपवन क्षेत्र में सागौन के पेड़ों की कटाई करवा दी। जब ग्रामीणों को इसकी जानकारी लगी तो उन्होने वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। जिसके बाद वन विभाग के अधिकारी हरकत में आये और रविवार की सुबह वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी घटना स्थल पहुंच कर मौक़े स्थल का निरिक्षण किया तो सागौन के पेड़ो की कटाई की घटना सही पाई गई है। इस तरह से वन समिति अध्यक्ष ने बिना अनुमति लिये बेशकीमती सागौन के पौधों की कटाई कर दी है जिससे ग्रामीणजनों में रोष व्याप्त है। वन विभाग के अधिकारी घटना स्थल पहुंचकर आक्रोशित ग्रामीणजनों के समक्ष उपवन क्षेत्र से काटे गये सागौन के पौधों की जप्ती कर आवश्यक कार्यवाही की और ग्रामीणजनों को आश्वास्त किया है कि मामले की जांच कर दोषियों पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। वही इस अवैध कटाई से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और आरोपी अध्यक्ष के विरूध्द कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

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