विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने गुरुवार को मुलना स्टेडियम का औचक निरीक्षण किया। जहां इस निरीक्षण में उन्होंने खिलाड़ियों को दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं और स्टेडियम में मौजूद विभिन्न व्यवस्थाओं की जानकारी ली। जहां खिलाड़ियों को पर्याप्त सुविधाएं न मिलने और खेल प्रशिक्षण के नाम पर खिलाड़ियों से शुल्क वसूल करने पर विधायक ने अपनी नाराजगी जताई, तो वहीं उन्होंने खेल अधिकारी के अनुपस्थित होने पर अपनी नाराजगी जताते हुए खिलाड़ियों से शुल्क की वसूली को तत्काल बंद करने के लिए सड़क पर उतरने ,तो वही स्टेडियम में मौजूद अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर शासन स्तर पर इसकी शिकायत करने की बात कही है। वहीं उन्होंने खेल विभाग में पदस्थ कर्मचारियों से खेल विभाग को शासन से प्राप्त होने वाली विभिन्न राशि, फंड ,सेवाओं, सुविधाओं खर्च आदि का ब्यौरा तलब किया।जो मौके पर मौजूद कर्मचारी प्रस्तुत नही कर सके।जिसपर उन्होंने शासन से प्राप्त होने वाली राशि, खेल सामग्री, राशि का खर्च सहित पूरा ब्यौरा लेकर खेल अधिकारी को उपस्थित करने के निर्देश दिए हैं ।इसके अलावा उन्होंने स्टेडियम के बाजू में बनने वाले स्विमिंग पूल के स्थान का निरीक्षण किया।जहां स्विमिंग पूल के लिए जगह चिन्हित ना होने पर अपनी नाराजगी जताते हुए सांसद श्रीमती भारती पारधी को भी आड़े हाथ लिया है। जिन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि पिछले दिनों फरवरी में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा स्विमिंग पूल निर्माण के लिए वर्चुअल भूमिपूजन किया गया। वहीं अफवाह फैलाई गई कि सांसद द्वारा स्विमिंग पूल निर्माण के लिए एक करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई है जबकि सांसद ने कोई भी राशि नहीं दी है। वहीं उन्होंने स्विमिंग पूल निर्माण के लिए पिछले दिनों नगर पालिका में लिए गए प्रस्ताव पर भी आपत्ति जताते हुए इस स्विमिंग पूल को जमीनी हकीकत से काफी दूर बताया है। तो वही उन्होंने इन सभी मामलों की शिकायत शासन स्तर पर किए जाने की बात कही है।
जगह तक चिन्हित नहीं हुई, और राशि स्वीकृत होने की फैला रहे अफवाह
विधायक श्रीमती मुंजारे उस वक्त काफी नाराज हो गई जब उन्होंने स्टेडियम के समीप बनाए जाने वाले स्विमिंग पूल स्थान का निरीक्षण किया। जहां उन्होंने नपा के कर्मचारियों से पूछा कि स्विमिंग पूल किस जगह पर बनाया जाना है उसकी लंबाई चौड़ाई गहराई लागत सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी तो उन्हें पता चला कि अब तक स्विमिंग पूल निर्माण के लिए जगह चिन्हित नहीं की गई है।जिसपर अपनी नाराजगी जताते हुए उन्होंने बताया कि फरवरी माह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्विमिंग पूल निर्माण का वर्चुअल भूमि पूजन किया था। वही कुछ दिनों से एक अफवाह फैलाई गई थी कि सांसद द्वारा स्विमिंग पूल निर्माण के लिए एक करोड रुपए की राशि दी गई है। जब इसका पता किया गया तो पता चला कि सांसद ने कोई एक करोड रुपए की राशि स्विमिंग पूल निर्माण के लिए नहीं दी है। यहां तो जगह भी चिन्हित नहीं की गई है ना ही टेंडर लगे हैं लेकिन और ना ही स्विमिंग पूल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत की गई है। स्विमिंग पूल निर्माण की सिर्फ हवा हवाई बातें की जा रही है जिसकी हकीकत कुछ नहीं है। उन्होंने आगे बताया कि नगर पालिका में बीजेपी की सत्ता है उन्होंने बाकायदा परिषद में स्विमिंग पूल निर्माण का प्रस्ताव लाया जबकि स्विमिंग पूल कहां बनेगा इसके लिए जगह चिन्हित नहीं हुई है ये परिषद को गुमराह करने का काम कर रहे हैं, नगर की जनता के साथ-साथ खिलाड़ियों को भी गुमराह किया जा रहा है। जब जगह ही चिन्हित नहीं हुई तो फिर नपा मे स्विमिंग पूल निर्माण के लिए प्रस्ताव कैसे ला लिया। जब पार्षदों ने इसके खिलाफ आवाज उठाई तो कह रहे थे कि सांसद द्वारा एक करोड रुपए की राशि दी गई है जबकि उन्होंने कोई राशि नहीं दी है।
खिलाड़ियों से शुल्क वसूली बंद कराई जाएगी
श्रीमती मुंजारे ने आगे बताया कि बालाघाट जिले में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है एक तो खेल विभाग द्वारा यहां पर खिलाड़ियों को तरह-तरह की सुविधाए नहीं दी जा रही है तो वहीं दूसरी ओर प्रशिक्षण के नाम पर खिलाड़ियों से शुल्क वसूला जा रहा है जो बहुत गलत है। ऐसा नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि आज बैडमिंटन हॉल का निरीक्षण किया गया वहां पता चला कि खिलाड़ियों से 1200 रु फीस ली जा रही है और प्रशिक्षक बाहर से आते हैं। हम इस बात की निंदा करते है। खिलाड़ियों से फीस नहीं ली जानी चाहिए इसे जल्द बंद कराया जाएगा।इसके लिए सड़क पर भी उतरना पड़े तो हम उतरेंगे और इसकी शिकायत शासन स्तर पर की जाएगी।
अक्सर गायब रहते हैं खेल अधिकारी
श्रीमती मुंजारे ने आगे बताया कि आज मुलना स्टेडियम का निरीक्षण करने आए थे यहां खेल अधिकारी मौके पर नहीं मिले ।अधीनस्थ कर्मचारी कह रहे हैं कि वे आज नहीं आए ।लेकिन यहां से लगातार शिकायती मिल रही है कि खेल अधिकारी अक्सर कार्यालय नहीं आते। ऐसा कई दिन होता होगा जब अधिकारी नहीं आते होंगे। यहां खेल अधिकारी मौके पर नहीं रहते और कर्मचारी अपनी मनमर्जी से स्टेडियम चला रहे हैं। यहां बहुत सारी गड़बड़ियां है ,अनेक अनियमितताएं हैं हमने खेल से संबंधित उपकरण, शासन से प्राप्त होने वाली राशि, उनके खर्च आदि के दस्तावेज मांगे जो कर्मचारियों ने हमें नहीं दिए।जिसके लिए कर्मचारी से संपूर्ण जानकारी जल्द से जल्द उपलब्ध कराने को कहा गया है। इसकी शिकायत भी शासन स्तर से की जाएगी।










































