विद्युत चोरी को रोकने विद्युत मीटर में कई तरह के बदलाव करने के बावजूद भी बिजली चोरी नहीं रुक पा रही है। जहां मीटर में नए नए अपडेट के बावजूद भी विद्युत चोर नए-नए पैतरे आजमाकर विद्युत चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। लगातार मिल रही इन्हीं शिकायतों को रोकने और विद्युत चोरी के मामलों पर पूर्णत प्रतिबंध लगाने के लिए अब विभाग ने एक स्मार्ट मीटर तैयार किया है। जिसकी मॉनिटरिंग मोबाइल सिम की तरह मीटर के अंदर लगी हुई चिप के माध्यम से की जाएगी। विद्युत विभाग का दावा है कि यदि कोई भी उपभोक्ता या अन्य कोई विद्युत मीटर में छेड़छाड़ कर विद्युत चोरी करेगा तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को मिल जाएगी। जिसके आधार पर विभाग संबंधितों के खिलाफ कार्यवाही करेगा।
मोबाइल रिचार्ज की तरह विद्युत रिचार्ज की आगामी योजना
बताया जा रहा है कि सिम वाले स्मार्ट मीटर को लगाने का कार्य नगर में अगले सप्ताह से शुरू किया जाएगा। जहां फिलहाल बालाघाट शहर में लगे सभी 30 हजार विद्युत उपभोक्ताओं के मीटर बदलकर उनके घर प्रतिष्ठानों में मोबाइल सिम चिप वाले स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।विभागीय जानकारी के अनुसार विद्युत विभाग द्वारा जितना रिचार्ज उतनी बिजली की भी योजना बनाई गई है। यानी जिस तरह मोबाइल में पहले रिचार्ज करने के बाद एक समय सीमा तक उसकी सेवाओ का उपयोग किया जा सकता है ठीक उसी तरह पहले बिजली का रिचार्ज कराया जाएगा उसके बाद रिचार्ज के अनुसार विद्युत की खपत होगी। जहां रिचार्ज खत्म होने के तुरंत बाद बिजली सप्लाई ऑटोमेटिक बाधित हो जाएगी। हालांकि विभाग की यहां योजना आगामी समय के लिए है लेकिन उसकी तैयारी अभी से शुरू होती नजर आ रही है।
अगले सप्तहा से शुरू होंगा मीटर बदलने का कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार जबलपुर में नए स्मार्ट मीटर की टेस्टिंग हो चुकी है जहां से नए स्मार्ट मीटर जल्द ही बालाघाट को प्राप्त हो जाएंगे जानकारी के अनुसार शहर के उपभोक्ता, बिजली के उपयोग के मामले में शीघ्र ही स्मार्ट वर्किंग व नए पैर्टन पर नजर आएंगे। पूर्व क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी शहर में स्मार्ट मीटर लगाने जा रहे हैं। इसकी सम्पूर्ण तैयारियां भी पूरी कर ली गई है। बिजली वितरण कंपनी के अधिकारियों की माने तो सबकुछ ठीक ठाक रहा तो अगले सप्ताह से शहर के मोती नगर से पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वहीं कुछ माह में ही शहर के सभी उपभोक्ताओं के घरों के प्रांगण में स्मार्ट मीटर लगा दिए जाएंगे।अधिकारियों ने बताया कि 30 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट लगाने का लक्ष्य रखा गया है। बाद में ग्रामीण क्षेत्रों में भी इन विद्युत मीटर को दूसरे चरण में पहुंचने की बात कही जा रही है।
मोती नगर से शुरू होगा काम
बताया जा रहा कि बालाघाट शहर में 30 हजार 840 बिजली उपभोक्ता है। इनमें 30 हजार के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। स्मार्ट मीटर लगाने की शुरूआत शहर के 11 केवी मोतीनगर एवं गायखुरी फीडर से की जाएगी। संभवत अगले सप्ताह से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। यह कार्य लक्ष्य पूर्ती होने तक युद्ध स्तर पर जारी रहेगा। इसके लिए मैप तैयार कर समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई है।वहीं मीटर भी मंगवाए गए हैं। भविष्य में बिजली संबंधी कार्यो को और हाईटेक किए जाने की बात विभाग द्वारा कही जा रही हैं।
इसलिए लगाए जा रहे मीटर
पूर्व क्षेत्र मप्र विद्युत वितरण कंपनी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार पुराने मीटरों को लेकर कई तरह समस्याएं और उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आया करती है। खासकर मीटर रीडिंग को लेकर अधिकांश उपभोक्ताओं में शिकायत होती है कि गलत रीडिंग लेने के कारण उनके यहां अधिक बिल या गलत बिजली बिल जारी किया गया है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की यह समस्या पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। स्मार्ट मीटर में रीडिंग लेने कोई कर्मचारी नहीं पहुंचता है बल्कि मीटर स्वयं ही बिजली खपत की पूरी जानकारी दर्शाता है। इसके अलावा बिजली चोरी, मीटर से छेड़छाड़ जैसे मामले होने पर अधिकारियों को कार्यालय में ही समस्त जानकारी प्राप्त हो सकेगी। इससे कर्मचारियों का अनावश्यक वर्क लोड कम होने के साथ समय की भी बचत हो सकेगी।
स्मार्ट मीटर के फायदें-
:- स्मार्ट मीटर लगाने पर उपभोक्ता की रीडिंग एटोमेटिक सर्वर पर जाएगी।
:- बिलिंग के लिए उपभोक्ता के घर रीडिंग लेने नही जाना होगा।
:- मीटर में रीडिंग की गड़बड़ी से छुटकारा मिलेगा।
:- स्मार्ट मीटर से विद्युत चोरी पर लगाम लगेगी।
:- डेली सर्वर पर रीडिंग डाटा रहेगा एवं कार्यालय से मॉनीटरिंग ऑनलाइन सिस्टम पर दिखेगी।
:- उपभोक्ता को समय पर बिजली बिल मिलेंगे।
:- विद्युत चोरी की जानकारी मिलेगी।
:- शहर में विद्युत हानि काम होगी, बिलिंग एवं कलेक्शन एफिसेंसी इंप्रूव होगी।
:- स्मार्ट मीटर नेट की तरह भी वर्क करेगा।
:- यह स्मार्ट मीटर नेट मीटर की तरह भी वर्क करेगा।
पुराने मीटर से होने वाले नुकसासन-
:- पुराने मीटर को लोग आसानी से बंद कर सकते थे।
:- पुराने मीटर में छेड़ छाड़ करना काफी आसान था।
:- 100 यूनिट बिजली जलाने पर मीटर में 10 यूनिट रीडिंग ही होता था।
:- ऐसे में बिजली कंपनी को काफी नुकसान होता था।
:- कई लोग अपने मीटर में आसानी से सर्किट लगा देते थे।
:- पुराने मीटर में 3 से 6 लाख रुपए की बिजली चोरी हर महीने होती थी।
:- इसका सीधा असर ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ रहा था।
इस पुरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान पूर्व क्षेत्र मप्र विद्युत वितरण कंपनी सहायक अभियंता हुकुमचंद यादव ने बताया कि कंपनी के दिशा निर्देशानुसार वरिष्ठों के मार्गदर्शन में कार्य किया जा रहा है। शहर में 30 हजार स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी है। इसके कई फायदें है। स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ता स्मार्ट होंगे। वहीं बिजली कंपनी भी निर्बाध रूप से काम कर सकेंगी। उन्होंने बताया कि इसमें बिजली चोरी होने की कोई संभावना नहीं है तमाम तरह की टेस्टिंग कार्य पूर्ण कर लिया गया है अगले सप्ताह से नए स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि कंपनी की आगामी योजना मीटर रिचार्ज वाली भी है लेकिन उसमें अभी वक्त लगेगा। वर्तमान में जो सिम वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के यहां लगाए जाएंगे इसमें मीटर रीडिंग करने कोई कर्मचारी नहीं आएगा बल्कि उसमें अपने आप मीटर रीडिंग कार्यालय को भेज देगा और कार्यालय से संबंधित उपभोक्ता के मोबाइल पर बिल जनरेट कर दिया जाएगा।










































