आपको बता दें कि साझेदारी में किफायती आवास योजना के तहत बन रहे निर्माणाधीन भवनों का भोपाल की टीम के द्वारा जायजा लिया गया 2017 में 100 करोड़ की इस योजना से गरीबों के लिए मकान बनाए जा रहे थे जिसमें इसका बजट कम करके 65 करोड़ कर दिया गया था किंतु आज दिनांक तक यह भवन बनकर तैयार नहीं हुए हैं वही यह योजना को संचालित किए हुए 5 से 6 वर्ष होने जा रहा है किंतु अभी तक निर्माण एजेंसी द्वारा भवन का निर्माण नहीं किया गया है वही सरकार द्वारा चुनावी वर्ष होने के कारण शासन की चल रही योजनाओं का कितना काम हुआ है और कितना काम बाकी है इसकी मॉनिटरिंग के लिए भोपाल स्तर से सभी निकाय में यह मानिटरिंग कर हिदायत दी जा रही है कि शासन की महत्वकांक्षी योजना अभी तक पूरी क्यों नहीं की गई है उसी स्थिति का जायजा लेने भोपाल से 2 सदस्य टीम बालाघाट पहुंची जिनके द्वारा निर्माणाधीन भवनों एवं कार्यों का जायजा भी लिया गया वहीं फिल्टर प्लांट स्थित बनने वाले भवन का कार्य देखा गया और नगरपालिका के उपयंत्री को यह हिदायत भी दी गई कि तय समय सीमा के अंदर वह ए.यच.पी एल.आई.जी एम.आई.जी एवं ई.डब्लू.एस. के कार्यों को त्वरित गति देते हुए संपन्न कराएं
वर्षो से निर्माणाधीन है भवन-
जब इस योजना की जानकारी ग्रामीणों को लगी तो बड़ी संख्या में ग्रामीणों के द्वारा यहां पर मकानों की बुकिंग कराई गई थी किंतु बाद में इस योजना की शर्ते एवं बैंकों से लोन की स्थिति के चलते बहुत से लोगों के द्वारा अपनी बुकिंग कैंसिल करा दी गई जबकि देखा गया था कि नगर पालिका के द्वारा 20 से 25 हजार रूपये देकर यहां पर मकानों की बुकिंग कराई गई थी किंतु जब वहां के मकानों की वस्तुस्थिति पता चली तो बहुत से ग्रामीणों के द्वारा अपने पैसे वापस ले लिए गए उसके बाद से ही यह भवन निर्माण और योजना ठंडे बस्ते में चली गई
अधिकारियों के आते ही कुछ दिन तेज रहता है काम –
जैसे ही यहां पर निर्माण एजेंसियों के द्वारा निरीक्षण किया जाता है या तो फिर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम समय-समय पर जब इन करोड़ों की बनने वाली बिल्डिंग का निरीक्षण होता है तब तक यहां पर काम को लेकर गति एवं हलचल नजर आती है उसके बाद यहां पर निर्माण को लेकर वही कछुआ गति से चलते रहता है आपको बता दें कि भवन तो दूर यहां पर अभी तक भवन तक पहुंचने के लिए पक्की रोड तक का निर्माण नहीं कराया जा सका है
फिल्टर प्लांट से होकर पहुंचा जाता है भवन तक-
आपको बता दें कि यह जो निर्माणाधीन भवन है इसके जाने का रास्ता भी नगरपालिका के द्वारा अभी फिक्स नहीं किया गया है जबकि यह भवन जिस क्षेत्र में बनाया जा रहा है वहा एक तरफ वैनगंगा नदी है तो दूसरी और नगर पालिका का प्रतिबंधित क्षेत्र फिल्टर प्लांट और निर्माणाधीन सामग्री रखने का क्षेत्र है तो जब नगर पालिका के द्वारा यहां पर लोगों को बसाया जाएगा तो क्या प्रतिबंधित क्षेत्र से जाने का मार्ग दिया जाएगा या तो फिर इसकी अलग जाने की व्यवस्था की जाएगी खैर यह तो नगरपालिका ही जाने कि इसकी व्यवस्था क्या होती है।
अभी भी कुछ कहा नहीं जा सकता कब कब होगा निर्माण पूरा-
आपको बता दें कि 2017 में आई यह योजना अभी तक सुचारु रुप से चालू नहीं हुई है नाही इसका भवन अभी तक बनकर कंप्लीट नहीं हुआ है भले ही इस योजना को देखने वाले प्रभारी यह बता रहे हैं कि सितंबर माह तक यह भवन बनकर कंप्लीट हो जाएगा पर वस्तु स्थिति देखकर लग नहीं रहा है कि यह सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा एवं जरूरतमंदों को इसका लाभ मिल पाएगा










































