जिले में कोरोना संक्रमण के मामले में आई कमी को देखते हुए शासन के निर्देशों के तहत रविवार को लगाए जाने वाले लॉकडाउन को खत्म कर दिया गया है लेकिन इसके आदेश देरी से जारी किए जाने के कारण काफी व्यापारियों को इसकी जानकारी नहीं लग पाई जिसके कारण शहर का बाजार पूरी तरह से नहीं खुला और काफी दुकानें बंद रही वहीं लॉक डाउन की तरह ही बाजार में माहौल दिखाई दिया अधिकांश दुकानों में ग्राहक नजर नहीं आए जिसके कारण व्यापारियों को काफी मायूसी हुई। वही जानकारी के अभाव में शहर के प्रमुख बाजारों में सब्जी विक्रेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई जिसके कारण बाजार में सन्नाटा सा पसरा रहा। इक्का-दुक्का स्थाई सब्जी विक्रेताओं के द्वारा व्यापार किया गया लेकिन लोगों की मौजूदगी भी बाजारों में कम ही नजर आई। शासन के द्वारा संडे लॉकडाउन खत्म किए जाने को लेकर व्यापारियों के द्वारा मिली जुली प्रतिक्रिया दी गई लेकिन अधिकांश व्यापारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाली संभावित तीसरी लहर को देखते हुए सप्ताह में 1 दिन पूरी तरह से लॉकडाउन रहना चाहिए।
लॉक डाउन खत्म किए जाने के बाद भी असमंजस में दिखे व्यापारी
प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले में आई कमी को देखते हुए शासन के निर्देशों के तहत प्रशासनिक तौर पर रविवार को लगाए जाने वाला लॉकडाउन खत्म कर दिया गया है लेकिन यह आदेश 25 जून को देर शाम तक सोशल मीडिया के माध्यम से जारी हुए जिस की जानकारी अधिकांश व्यापारियों को नहीं मिल पाई जानकारी के अभाव में शहर में अधिकांश व्यापारी असमंजस की स्थिति में नजर आए जिसका असर भी साफ तौर पर रविवार को देखा गया जहां एक और जिन व्यापारियों को प्रशासनिक आदेश की जानकारी मिल गई उन्होंने अपने दुकान और प्रतिष्ठान खोले लेकिन जिन व्यापारियों को इसकी जानकारी नहीं मिल पाई उन्होंने अपनी दुकानें बंद रखी। इन हालातों के चलते रविवार को लॉकडाउन जैसी ही स्थिति निर्मित हो गई।
लॉकडाउन खत्म किए जाने की देरी से मिली जानकारी- दिलीप वाधवानी
रेडीमेड गारमेंट से जुड़े व्यापारी दिलीप वाधवानी ने बताया कि रविवार को लॉक डाउन खत्म किए जाने के आदेश की शनिवार की रात्रि तक किसी को भी जानकारी नहीं थी जिस तरह से हर रविवार को मार्केट बंद रहता है उसी तरह जिन व्यापारियों को जानकारी नहीं थी उन्होंने अपनी दुकान नहीं खोली। जिसके कारण बाजार सुनसान है और बाजार में कोई भी हलचल नहीं है जिसके कारण व्यवसाय भी नहीं हो पाया है।
संडे लॉकडाउन के पक्ष में दिखे अधिकांश व्यापारी
जिला प्रशासन के द्वारा रविवार को लगाए जाने वाले लॉकडाउन को खत्म कर दिया गया है हालांकि यह फैसला कोरोना संक्रमण के घटते हुए मामले को लेकर लिया गया है लेकिन इसके बावजूद अधिकांश व्यापारियों के द्वारा सप्ताह में 1 दिन मार्केट बंद किए जाने की बात कही गई है व्यापारियों का मानना है कि जिस तरह से संभावित तीसरे लहर की बात की जा रही है और इस वजह से काफी प्रदेशों में एक बार फिर लॉकडाउन लगाए जाने की कवायद शुरू की गई है तो उसको देखते हैं कम से कम 1 दिन मार्केट बंद होना चाहिए।
सप्ताह में एक दिन बंद होना चाहिए मार्केट- नितिन मिश्रा
इस संदर्भ में चर्चा के दौरान व्यापारी नितिन मिश्रा ने कहा कि जिला प्रशासन के द्वारा शनिवार को आनन-फानन में लॉक डाउन खोलने के आदेश जारी किए गए जिसके कारण काफी व्यापारियों को इसकी जानकारी नहीं लग पाई जिस वजह से आधा मार्केट बंद है और आधा मार्केट खुला हुआ। और व्यापारी श्री मिश्रा ने कहा कि कोरोना की जो दूसरी लहर आई थी उसका काफी व्यापक असर पड़ा है इसलिए व्यापारी भी यह चाहते हैं कि घर परिवार की सुरक्षा को देखते हुए सप्ताह में 1 दिन मार्केट बंद रखे जाए सब चाहते हैं कि 1 दिन मार्केट बंद रहे यदि व्यापारी संगठन सामने आए तो हमारे जिले के लिए यह बेहतर व्यवस्था होगी उन्होंने कहा कि संभावित तीसरी को देखते हुए महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में बंद के हालात हैं जिले को सातों दिन खुला रखना उचित नहीं है।
एकजुटता के साथ सामने आए व्यापारी- अनिल कुमार संचेती
इस संदर्भ में चर्चा के दौरान व्यापारी अनिल कुमार संचेती ने कहा कि काफी लंबे समय से लॉक डाउन रहने के कारण वर्तमान में व्यापार खत्म हो गया है जिनको दुकान खोलना है वह खोल रहे हैं लेकिन यदि रविवार को पहले की तरह लॉकडाउन रहता तो स्थिति बेहतर रहती है इस विषय को लेकर सभी व्यापारियों को एक साथ सामने आना चाहिए और एक निर्धारित दिन को सभी मार्केट किराना दुकान मंडी बंद रहनी चाहिए जिसका हम भी समर्थन करेंगे।
संडे लॉकडाउन का फैसला बेहतर था- व्यापारी
इस संदर्भ में पद्मेश न्यूज़ से चर्चा के दौरान बर्तन व्यापारी विनय बेदमुथा जैन ने बताया कि प्रदेश शासन ने कोविड-19 के तहत जो लॉकडाउन डाउन लगाया था वह सही था लेकिन संडे लॉकडाउन हटाए जाने के पीछे शासन की क्या मंशा है यह समझ से परे है उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों में पुन: लगाया जा रहा है और दूसरी और बीमारी बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार जिले को खोलने में लगी हुई है। बालाघाट मंगलवार को मार्केट बंद हुआ करता था जिसे प्रशासनिक निर्देशों के तहत रविवार को कर दिया गया रविवार के दिन वैसे भी छुट्टी का दिन रहता है और व्यापार उतना अधिक नहीं होता अगर इस दिन लॉकडाउन रहता तो लोग अपने परिवार के साथ समय व्यतीत कर पाते हैं उन्होंने कहा लॉक डाउन हटा दिया गया है लेकिन बीमारी बढ़ेगी तो एक बार फिर लोगों को लॉक डाउन की स्थिति झेलनी पड़ेगी। 2 साल से लाख डाउन चल रहा है व्यापार में जो नुकसान हुआ है उतना सरकार भी भरपाई नहीं कर सकती इसलिए लोगों के हित में निर्णय लेना होगा।
सावधानी से ही सुधारे जा सकते हैं हालात – आशीष नेमा
वही इस संदर्भ में दूरभाष पर चर्चा के दौरान व्यापारी आशीष नेमा ने कहा कि संडे लॉकडाउन यथावत रहना था उन्होंने कहा कि सप्ताह में 1 दिन परिवार के साथ बिताने का अवसर मिलता है उन्होंने कहा कि लाख डाउन हटाए जाने को लेकर दो बातें प्रमुख है जिसमें एक तो आर्थिक गतिविधियों के लिए लॉकडाउन हटाया जाना सही निर्णय है लेकिन दूसरी बात यह भी है कि जान है तो जहान है हमें सावधानी बरतने की भी आवश्यकता है।
शहर के प्रमुख बाजार में नहीं दिखी रौनक
रविवार को लॉक डाउन को खत्म किए जाने के आदेश काफी विलंब से जारी किए जाने के कारण रविवार को शहर के प्रमुख बाजारों में पूरी तरह लॉक डाउन के हालात नजर आए नगर के गुजरी चौक स्थित बाजार में वैसे तो रोजाना काफी भीड़ नजर आती थी लेकिन रविवार को यहां पर इक्का-दुक्का सब्जी विक्रेताओं ने ही अपनी दुकानें खोली और ग्राहक भी काफी कम संख्या में गुजरी बाजार पहुंचे। वहीं मुख्य बाजारों में भी पूर्व की तरह लॉक डाउन के समान ही स्थिति निर्मित हुई।










































