Snake News: राजगढ़ के ब्यावरा में करैत सांप के डसने से 40 वर्षीय स्नैक कैचर प्रवेश उर्फ पीनू की मौत हो गई। पीनू सोमवार रात सुठालिया रोड इलाके से करैत पकड़कर घर लाए थे। उन्होंने बच्चों को भी सांप दिखाया। डसने के बाद उन्होंने शुरुआत में इलाज नहीं कराया। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाया गया, जहां से भोपाल रेफर किया गया।राजगढ़: ब्यावरा शहर में करैत सांप के डसने से 40 वर्षीय स्नैक कैचर प्रवेश उर्फ पीनू की मौत हो गई। पीनू सोमवार रात सुठालिया रोड इलाके से करैत सांप को पकड़कर अपने घर लाए थे। परिजनों के मुताबिक उन्होंने अपने बच्चों को भी सांप दिखाया। इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया। शुरुआत में उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया और इलाज नहीं कराया। बाद में घबराहट होने पर परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से भोपाल रेफर किया गया। हालांकि, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
करीब 10 साल से सांप पकड़ने का काम कर रहे थे
परिजनों के अनुसार प्रवेश उर्फ पीनू करीब 10 साल से सांप पकड़ने का काम कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कई बड़े सांपों का रेस्क्यू किया और उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ चुके थे।सोमवार रात उन्हें सुठालिया रोड इलाके में करैत सांप निकलने की सूचना मिली थी। इसके बाद वह सांप को पकड़कर अपने घर ले आए। घर पर उन्होंने अपने बच्चों को भी सांप दिखाया। इसी दौरान सांप के डसने की घटना हुई।
शुरुआत में नहीं कराया इलाज
परिजनों के मुताबिक सांप के डसने के बाद पीनू ने शुरुआत में इलाज नहीं कराया। बाद में जब उन्हें घबराहट होने लगी तो परिजन तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां इलाज के बाद उन्हें भोपाल रेफर कर दिया गया।
हालांकि, भोपाल ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
परिवार में पत्नी, बेटा और बेटी
परिजनों ने बताया कि पीनू के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। उनकी मौत के बाद परिवार में शोक का माहौल है।पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने किया मना
ब्यावरा सिटी थाना प्रभारी शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पीनू के शव का पोस्टमार्टम कराने से परिजनों ने मना कर दिया। इसके बाद पंचनामा बनाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया। बाद में अंतिम संस्कार किया गया।
रास्ते में पीनू की मौत हो गई।
सोमवार रात सुठालिया रोड इलाके में करैत सांप निकलने की सूचना मिली।
प्रवेश उर्फ पीनू सांप को पकड़कर अपने घर ले आए।
उन्होंने बच्चों को भी सांप दिखाया।
इसी दौरान सांप ने उन्हें डस लिया।
शुरुआत में इलाज नहीं कराया गया।
घबराहट होने पर अस्पताल ले जाया गया और बाद में भोपाल रेफर किया गया।










































