देश में लोकसभा चुनाव की सरगर्मी शुरू हो चुकी है और हर प्रत्याशी अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है, लेकिन देश में एक प्रत्याशी ऐसा है, जो हर बार चुनाव हारने की इच्छा से नामांकन दाखिल करता है। तमिलनाडु के धर्मपुरी लोकसभा सीट पर के. पद्मार्जन ने एक बार चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। आपको बता दें कि K. Padmarajan अभी तक 238 बार से ज्यादा चुनाव हार चुके हैं और उनका कहना है कि वे आगे भी चुनाव लड़ते रहेंगे। उनका कहना है कि मैं सिर्फ रिकॉर्ड बनाने के लिए चुनाव लड़ता हूं। चुनाव जीतने की मेरी इच्छा नहीं है। वे बताते हैं कि मुझे एक चुनाव में अभी तक अधिकतम 6000 वोट ही मिले हैं।
इन नेताओं के खिलाफ लड़ चुके हैं चुनाव
K. Padmarjan ने बताया कि मैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, द्रमुक के पूर्व प्रमुख करुणानिधि, अन्नाद्रमुक की पूर्व महासचिव जयललिता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के खिलाफ भी चुनाव लड़ चुके हैं। वे कहते हैं कि सफलता का अनुभव तो सिर्फ एक बार ही होता है, लेकिन असफलता को लगातार बनी रह सकती है।
K. Padmarjan का कहना है कि साल 1988 से अभी तक चुनाव नामांकन के लिए मैंने 1 करोड़ रुपए तक जमा किए हैं। पद्मार्जन अपनी एक पंचर की दुकान चलाते हैं और इसी की कमाई से जमानत की राशि भी जमा करते हैं। K. Padmarjan बताते हैं कि ऐसा कोई चुनाव नहीं हैं, जिसमें उन्होंने नामांकन दाखिल नहीं किया। वे अभी तक राष्ट्रपति, निगम और वार्ड चुनाव के लिए भी नामांकन दाखिल कर चुके हैं और आगे भी ऐसे ही चुनाव लड़ता रहूंगा।










































