24 घंटे के भीतर रूपझर पुलिस ने किया सर्रा अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश

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रूपझर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर ग्राम सिरा अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए खेलसिह पन्द्रे 60 वर्ष की हत्या करने के आरोप में उसी के भांजे रामसिंह पिता शिवलाल उइके 21 वर्ष ग्राम सर्रा निवासी को गिरफ्तार कर लिया। इस युवक ने रुपए के लालच में आकर अपने मामा की हत्या 21 अप्रैल की रात्रि उस समय की थी जब खेल सिह अपनी बेटी के घर से अपने घर दहेज के रुपए लेने के लिए आया था। रूपझर पुलिस ने आरोपी रामसिंह उइके के पास से नगद 8 लाख 50हजार रुपये, हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, ईंट ,पत्थर और दुपट्टा जप्त किया है। गिरफ्तार आरोपी रामसिह उइके को न्यायिक अभिरक्षा बैहर जेल भिजवा दिया गया है।

क्या है मामला

रूपझर थाने की सोनेवानी पुलिस चौकी क्षेत्र में आने वाले ग्राम सर्रा निवासी जो खेती किसानी करता था। जिसकी एक ही बेटी है और उसका ससुराल गांव में ही है। जिसकी बेटी के पति का नाम चुन्नीलाल उइके है।खेलसिंह का अपना कोई पुत्र नहीं था जिसके कारण उसने अपने भांजे राम सिंह उइके को अपने घर मैं ला लिया था। खेल सिंह ने अपने भांजे राम सिंह को अपने घर में ही रखकर पाला पोश था। 21 अप्रैल की रात्री में ग्राम सर्रा में ही खेलसिंह की बेटी की बेटी की शादी थी। शादी होने के बाद खेलसिह अपनी बेटी के घर से अपने घर शादी के लिए दहेज के रुपए लेने के लिए निकला था। किंतु खेलसिह वापस अपनी बेटी के घर नहीं पहुंचा। खेल सिंह के जवाई चुन्नीलाल उइके सहित परिवार के अन्य लोगों ने खेलसिंह को काफी खोजबीन किये किन्तु वह नहीं मिला इधर खेल सिंह के घर मैं अलमारी में रखें दहेज के 8 लाख 50 हजार रुपए भी गायब थे। 24 अप्रैल को घर से कुछ दूर नहर के गड्ढे में खेल सिंह की लाश संदिग्ध स्थिति में पाई गई। खेल सिंह की सिर गले एवं छाती में किसी धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई थी। खेल सिंह के की लाश का पोस्टमार्टम जिला अस्पताल बालाघाट में चिकित्सको की टीम द्वारा किया गया था। मर्ग जांच उपरांत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 302 201 भादवि के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

रुपए को लेकर खेलसिंह का भांजे रामसिह के साथ होते रहता था झगड़ा

चुकी खेलसिंह के दामाद चुन्नीलाल उइके ने अपने ससुर खेल सिंह की हत्या करने का शक उसी के भांजे राम सिंह उइके पर किया था। परिवार पड़ोसी अन्य साक्षियो के बयान लेकर रामसिंह को अभिरक्षा में लेकर गहनता से पूछताछ की गई तब उसने अपने मामा खेल सिंह की हत्या करना स्वीकार किया। उसने अपने मामा खेलसिह की हत्या तिजोरी में रखे दहेज के रुपए हथियाने के लिए की थी। रामसिंह कोई काम धंधा नहीं करता था और वह रूपयो के लिए अपने मामा के ऊपर दबाव बनाते रहता था। इसी को लेकर दोनों मामा भांजे के बीच झगड़ा होते रहता था। घटना दिनांक 21 अप्रैल की रात्रि जब खेलसिह अपनी बेटी के घर से दहेज के रूपये लेने के लिए अपने घर आया था। उस समय उसका भांजा रामसिंह भी घर मे था। जिसने अपने मामा खेल सिंह को तिजोरी से रुपए निकलते देखा और उसमें लालच आ गया और राम सिंह 5000 रुपये लेकर के वहा से भाग तब उसका खेलसिंह राम सिंह को पकड़ने के लिए पीछे पीछे दौड़ा तभी राम सिंह ने अपने मामा के ऊपर कुल्हाड़ी से वार कर दिया, गमछा से गला दबाया ईंट पत्थर से मारा खेलसिंह की मोत होने के बाद रामसिंह नेउसकी लाश नहर में फेंक दिया।

नगद 8 लाख 50 हजार रुपये कुल्हाड़ी सहित अन्य सामान हुई जप्त

राम सिंह की निशान दही पर उसके द्वारा तिजोरी से निकल गए 8 लाख 50 हजार रुपये, रक्त रंजित कुल्हाड़ी ईट पत्थर रक्त रंजित दुपट्टा और शर्ट जप्त की गई इस मामले में राम सिंह को गिरफ्तार करके बैहर की अदालत में पेश कर दिया गया। जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भिजवा दिया गया है।

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