अमेरिका शेयर बाजार में गुरुवार को भारी गिरावट रही लेकिन एआई चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया (Nvidia) के शेयरों में नौ फीसदी से अधिक तेजी आई। इस तेजी के साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 2.553 ट्रिलियन डॉलर पहुंच गया है। एनवीडिया मार्केट कैप के हिसाब से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी कंपनी है। उससे आगे अब केवल माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और ऐपल (Apple) रह गई हैं। एनवीडिया अब ऐपल को पछाड़ने से कुछ ही कदम दूर रह गई है। ऐपल का मार्केट कैप 2.865 ट्रिलियन डॉलर है जबकि माइक्रोसॉफ्ट 3.173 ट्रिलियन डॉलर के साथ टॉप पर है। एनवीडिया की लिस्टिंग 1999 में हुई थी और तब से यह 245,000 फीसदी रिटर्न दे चुकी है। अगर किसी निवेशक ने तब इस पर 100,000 डॉलर का निवेश किया होता तो आज उसके इन्वेस्टमेंट की वैल्यू 24.5 करोड़ डॉलर होती।
अगर किसी ने दस साल पहले भी एनवीडिया में 100,000 डॉलर का निवेश किया होता तो आज उसका रिटर्न 2.1 करोड़ डॉलर होता। एनवीडिया ने पिछले 25 साल में सालाना 100 अरब डॉलर के एवरेज से रिटर्न दिया है। एआई चिप का मार्केट पिछले कुछ साल में कई गुना बढ़ा है। आज एआई चिप मार्केट में एनवीडिया की हिस्सेदारी करीब 95 फीसदी है। एनवीडिया की स्थापना ताइवान में पैदा हुए जेंसन हुआंग ने साल 1993 में की थी। इस कंपनी में उनकी अब 3.5% हिस्सेदारी है। शुरू में यह कंपनी वीडियो-गेम ग्राफिक्स चिप्स बनाती थी। कोरोना काल में कंपनी के शेयरों में भारी तेजी आई। क्रिप्टो बूम के कारण इसके माइनिंग में चिप के इस्तेमाल में तेजी आई थी।
प्रॉफिट छह गुना उछला
एआई का चलन बढ़ने से माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी बड़ी-बड़ी टेक कंपनियों में एनवीडिया से ज्यादा से ज्यादा चिप लेने की होड़ मची है। साथ ही सऊदी अरब और यूएई भी एनवीडिया से हजारों की संख्या में चिप खरीद रहे हैं। इससे एनवीडिया का रेवेन्यू और प्रॉफिट रॉकेट की स्पीड से बढ़ रहा है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में कंपनी का प्रॉफिट 628% और रेवेन्यू 268% बढ़ा है। हुआंग का कहना है कि आने वाले दिनों में एआई का चलन बढ़ने के साथ ही कंपनी का बिजनस आगे और कई गुना बढ़ने की संभावना है। हुआंग 91.3 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 17वें नंबर पर हैं। इस साल उनकी नेटवर्थ में 47.3 अरब डॉलर की तेजी आई है।










































