छात्रावास में प्रवेश पाने 4 वर्षों से छात्रा लगा रही छात्रावास के चक्कर

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बिरसा क्षेत्र की एक छात्रा बीते 4 वर्षों से छात्रावास में प्रवेश पाने के लिए छात्रावास के चक्कर लगा रही हैं, उन्होंने बताया कि वह 2020 से छात्रावास में प्रवेश के लिए फॉर्म भर्ती है, किंतु छात्रावास के अधिकारी, कर्मचारी द्वारा हर वर्ष सीट फुल हो जाने की बात का हवाला देते हुए उन्हें प्रवेश नहीं दे रहे हैं एवं उन्हें प्राइवेट रूम से रहना पड़ रहा है जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक बोझ पढ़ रहा है उन्होंने शासन प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें छात्रावास में प्रवेश की अनुमति दी जाए, उन्होंने कहा कि बहुत से जिले की दुरांचल क्षेत्र की लड़कियां हैं जो छात्रावास में प्रवेश नहीं मिलने की वजह से प्राइवेट रूम लेकर रह रही है जिसकी वजह से उन्हें आर्थिक समस्या से जूझना पड़ रहा है

आपको बता दे की जिले के बहुत से दुरांचल क्षेत्र बैहर , बिरसा एवं मलाजखंड की छात्राएं हैं जो शहर में रहकर पढ़ाई कर रही है जिन्हें छात्रावास का लाभ नहीं मिल रहा है जिसकी वजह से उन्हें प्राइवेट रूम लेकर रहने से आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ रहा है, उनका मानना है कि यदि उन्हें छात्रावास की सुविधा मिल जाए, तो वह वहां रहने में सुरक्षित एवं आर्थिक बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा, ऐसी ही शिकायत लेकर बिरसा क्षेत्र की एमएससी कर रही सागर मरकाम बताती है कि वह बीते 4 वर्षों से छात्रावास के चक्कर लगा रही हैं और उनके द्वारा हर वर्ष छात्रावास में प्रवेश हेतु फॉर्म भरे जाते हैं और हर बार उन्हें छात्रावास के अधिकारी कर्मचारी सीट नहीं होने का हवाला देकर वापस कर देते हैं, जबकि देखा जाए तो उनके जैसे बहुत सी छात्रा ऐसी है जो अति गरीब है और कहीं ना कहीं प्राइवेट रूम लेकर रहने से उन्हें आर्थिक बोझ भी झेलना पड़ रहा है, वही वह प्राइवेट रूम से रह रही हैं तो उनके माता-पिता को बार-बार आकर उनकी जानकारी लेनी पड़ती है वह चाहती हैं कि यदि उन्हें छात्रावास की सुविधा का लाभ मिल जाएगा तो उन्हें आर्थिक बोझ उठाना नहीं पड़ेगा एवं जिस प्रकार से आधा समय उनका खाना बनाने और बाकी के कार्यों में बीत जाता है इन सब से उन्हें छात्रावास में पढ़ाई का और अधिक समय मिलेगा और माता-पिता भी उनके छात्रावास में बच्चे रह रहे हैं तो वह निश्चित रहेंगे वह शासन प्रशासन से यही मांग कर रही है कि उन्हें छात्रावास में प्रवेश दिया जाए और जो दुरांचल क्षेत्र की छात्रा हैं उन पर प्रशासन द्वारा छात्रावास की सुविधा उन्हें दी जानी चाहिए

छात्रावासों में बेड की संख्या बढ़ानी चाहिए- घनश्याम परते

मध्य प्रदेश अजाक संघ के जिला अध्यक्ष डॉ घनश्याम परते बताते हैं कि वह अपने कार्य से हॉस्टल के सामने से आए दिन आते जाते रहते हैं और अक्सर वह छात्रावास के सामने कुछ छात्रा को हमेशा खड़ा देखते थे इसलिए उन्होंने एक दिन रुक कर उनसे पूछा कि आप यहां क्या कर रहे हैं तब छात्राओं द्वारा बताया गया कि वह बीते 4 वर्ष से छात्रावास में प्रवेश लेने के लिए प्रयास कर रहे हैं पर उन्हें छात्रावास में प्रवेश नहीं मिल रहा है और उन्हें हर बार यही बताया जाता है कि छात्रावास में सीट खाली नहीं होने की वजह से उन्हें प्रवेश नहीं दिया जा सकता, जिसको लेकर उनका मानना है कि जिस प्रकार से संबंधित विभाग के द्वारा सीट कम होने की बात कही जा रही है उसमें कहीं ना कहीं वैकल्पिक व्यवस्था बनाते हुए छात्रावासों में बेड की संख्या बढ़ानी चाहिए और दुरांचल क्षेत्र से आ रहे गरीब बच्चों को छात्रावास में प्रवेश देना चाहिए जिससे कहीं ना कहीं बच्चों को अधिक समय पढ़ाई करने का मिलेगा और जो गरीब बच्चों को आर्थिक बोझ आ रहा है और प्राइवेट रूम में रहकर पढ़ रहे है उससे भी उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन इस समय ऐसा नहीं हो रहा है और जिले में छात्रावासों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए

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