रविवार को फिर मिले डायरियां के 05 मरीज

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नगर के समीपस्थ ग्राम कोसमी में फैले डायरियां को लेकर स्वास्थ्य शिविर जारी है। प्रतिदिन अलग-अलग ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। डायरियां से प्रभावितों को जिला अस्पताल में भर्ती भी करवाया जा रहा है। हालाकि अब तक ग्राम में डायरियां फैलने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पीएचई कर्मचारियों ने शनिवार को ग्राम के कुछ हैंडपंपों और घरों से पानी के सेम्पल एकत्रित किए थे। हैंडपंपों के पानी की एनएबीएल रिपोर्ट में दो हैंडपंपों में माइनर बैक्टरियां पाए गए हैं। हालाकि इनसे कुछ नुकसान नहीं होने की बात चिकित्सक कह रहे हैं। उधर डायरियां पीडि़तों के घरों के सेम्पलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने की जानकारी बताई गई।

20 ग्रामीणों की जांच में मिले 05 मरीज, अब तक 270 लोग प्रभावित
इधर शिविर से प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को शिविर में 20 मरीजों की ओपीडी में 05 मरीज डायरियां से संक्रमित पाए गए। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जिला अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 मरीजों के स्वस्थ्य होने पर उन्हें डिस्चार्ज किया गया है। वर्तमान में करीब 15 से 20 डायरियां प्रभावित मरीज ही जिला अस्पताल में उपचार करवा रहे हैं।आपको बताए कि शिविर के पहले दिन से अब तक करीब 297 ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की जा चुकी है। इनमें करीब 270 में शिकायत प्राप्त होने पर उपचार किया गया है।

विधायक ने शिविर का लिया जायजा
उधर मामले का संज्ञान लेते हुए रविवार को बालाघाट विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे अपने समर्थकों के साथ शिविर स्थल कोसमी पहुंची। यहां उन्होंने स्वास्थ्य, जनपद और पंचायत अधिकारी, कर्मचारियों के साथ बैठक कर ,व्यवस्था सम्बधित चर्चाएं कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और जनपद अधिकरियों को डायरियां फैलने के कारणों का पता लगाने के भी निर्देश दिए। ताकि डायरियां फैलनें के कारणों को खत्म कर बीमारी को बढऩे से रोका जा सकें। वहीं उन्होंने ग्रामीणों के साथ चर्चा कर उन्हें दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली।

स्वच्छता बरतने की दी नसीहत
पंचायत भवन में विधायक के पहुंचने पर स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में एकत्रित हुए थे। जिन्हें विधायक के अलावा जनपद व पंचायत के अधिकारियों ने स्वच्छता बरतने की नसीहतें दी।जिन्होंने बताया कि इस तरह की बीमारी फैलने का सबसे प्रमुख कारण गंदगी होती है। इस कारण गांव व आस पड़ोस में सफाई बनाए रखे। नालियों की नियमित सफाई करें। कचरे को एकत्रित न करते हुए गांव के बाहर करने की व्यवस्था बनाए। पानी उबाल कर पीयें, बाहर का भोजन न करें सहित चिकित्सक की सहाल के बाद भी दवा का सेवन करें।

अब घरों के पानी की, रिपोर्ट का इंतजार
बताया जा रहा है कि शनिवार को घरों से लिए गए पानी के सेम्पलों की रिपोर्ट अब भी आनी बाकी है। शायद सोमवार को रिपोर्ट प्राप्त होगी। इस दौरान स्पष्ट हो सकेगा की बीमारी दूषित पानी पीने से फैल रही है या कारण कुछ और है। हालाकि अब तक दूषित जल और मौसम के उतार चढ़ाव को ही बीमारी का कारण माना जा रहा है। ओपीडी में मरीजों की संख्या मेंं कम होने के साथ ही ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली है।

स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली गई है- अनुभा
व्यवस्थाओं का जायजा लेने ग्राम कोसमी पहुंची विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे ने बताया कि हमनें शिविर स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। गांव में कुछ स्थानों पर गंदगी नजर आने पर सफाई व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। समय पर शिविर लगने से लगभग सभी मरीजों को समय पर उपचार मिल रहा है। ग्रामीणों को भी स्वच्छता बनाए रखने की अपील की गई है।

सिर्फ दो हैंड पंप के पानी में मिला माइनर बैक्टीरिया
मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान पानी के सैंपल कलेक्ट करने वाले पीएचसी विभाग पदाधिकारी सपन नाथ ने बताया कि शनिवार को संदिग्ध मरीजों के घर उनके आसपास घरों, जगह-जगह की पाइपलाइन और पानी टंकी, हैंडपंप,कुए आदि जगहों के एक बार फिर से पानी के सैंपल कलेक्ट किए गए थे। इसमें से घरों से जो सैंपल लिए गए थे उसकी रिपोर्ट आनी बाकी है बाकी जो रिपोर्ट रविवार शाम को प्राप्त हुई है उसे रिपोर्ट में दो हैंड पंप के पानी में माइनर बैक्टीरिया मिला है। हालांकि इतने माइनर बैक्टीरिया से यह बीमारी नहीं फैल सकती। इस माइनर बैक्टीरिया को भी खत्म करने के लिए पाउडर डालकर व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने आगे बताया कि अब हमें इंतजार मरीजों के घर से लिए गए सैंपल का है संभवत सोमवार को इसकी रिपोर्ट आ जाएगी रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

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