सेवानिवृत्त प्रभारी बीपीओं योगेन्द्र सोनेकर को दी गई विदाई

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नगर मुख्यालय की ग्राम पंचायत पांढरवानी के सभाकक्ष में १६ जुलाई को विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत पांढरवानी सरपंच अनीस खान, उपसरपंच राकेश अग्रवाल, प्रभारी बीपीओं खिलेन्द्र सोनवंशी, सेवानिवृत्त पंचायत समन्वयक (पीसीओं), प्रभारी बीपीओं योगेन्द्र सोनेकर, नवनियुक्त पीसीओं श्री पारधी की उपस्थिति में प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर सरपंच, उपसरपंच, पंचगणों के द्वारा सेवानिवृत्त प्रभारी बीपीओं योगेन्द्र सोनेकर का तिलकवंदन करने के बाद शाल, श्रीफल एवं उपहार भेंटकर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर विदाई दी गई। वहीं नवनियुक्त पंचायत समन्वयक श्री पारधी का स्वागत किया गया। इस विदाई समारोह कार्यक्रम के अवसर पर उपस्थितजनों ने पांढरवानी पंचायत के सेवानिवृत्त पीसीओं, जनपद पंचायत लालबर्रा के प्रभारी बीपीओं योगेन्द्र सोनेकर के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि श्री सोनेकर जी का कार्यकाल बेहद ही सराहनीय रहा है और इनकी प्रथम नियुक्ति ग्राम सेवक के पद पर हुई थी उसके पश्चात् इन्होने कई वर्षाे तक ग्राम पंचायत सचिव के पद पर रहकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में अपनी सेवाएं दी और सचिव के पद से पदोन्नत होकर ये पंचायत समन्वयक अधिकारी बने जिन्होने लालबर्रा जनपद सहित बालाघाट जिले के अन्य जनपद पंचायतों के साथ अन्य जिलों में भी अपनी सेवाएं दी। इनकी सेवानिवृत्ति जनपद पंचायत लालबर्रा मेें पंचायत समन्वयक अधिकारी, प्रभारी खण्ड पंचायत अधिकारी (बीपीओं) के पद पर रहते हुएहुई है। वहीं पांढरवानी सरपंच अनीस खान ने कहा कि सेवानिवृत्त बीपीओं योगेन्द्र सोनेकर का कार्यकाल सराहनीय रहा है और इन्होने अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हुए समय-समय पर सभी को मार्गदर्शन भी प्रदान करने का कार्य किया है जो गत ३० जून को सेवानिवृत्त हो चुके है। आज पांढरवानी पंचायत में विदाई समारोह कार्यक्रम आयोजित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना कर उन्हे विदाई दी गई है और उनसे अपेक्षा करते है कि हमारी पंचायत बॉडी को समय-समय पर मार्गदर्शन भी प्रदान करें क्योंकि श्री सोनेकर से इनके अधीनस्थ कर्मचारियों ने इनके कार्यकाल में मार्गदर्शन प्राप्त किया। साथ ही यह भी कहा कि सेवा में आने के बाद सेवानिवृत्ति एक प्रक्रिया है जिससे हर अधिकारी-कर्मचारी को गुजरना होता है लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद आपके काम व कार्यशैली ही आपकी पहचान बनी रहती है और आपके सेवानिवृत्ति के बाद आप अपनी उन्ही कार्यशैली व स्वभाव से पहचाने जाते है एवं श्री सोनेकर का स्वभाव बेहद ही सहज व सरल रहा है इन्होने अपने क्षेत्र मेंं पूरी ईमानदारी व निडर होकर अपनी सेवाएं दी, इनकी पहचान एक निडर अधिकारी के रूप बनी हुई है। सेवानिवृत्त प्रभारी खण्ड पंचायत अधिकारी (बीपीओं) योगेन्द्र सोनेकर ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में काम करने के लिए अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों के बीच में आपसी तालमेल का होना बहुत जरूरी होता है क्योंकि आपसी तालमेल से ही विकास कार्य संभव है यदि अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों में तालमेल न हो तो विकास कार्य नहीं हो पाते है। मेरे कार्यकाल में भी मैंने जनप्रतिनिधियों की सही व उचित मांग व बातें थी उन्हे मानकर उसके अनुसार काम किया परंतु जब मुझे ऐसा लगता था कि नहीं यह काम नियम विरूध्द है तो मैं उस काम का खुलकर विरोध करता था एवं जनप्रतिनिधियों से बहस भी हो जाये करती थी इसलिए जहां आप सही हो वहां पर आपको बोलना चाहिये। श्री सोनेकर ने कहा कि ग्राम पंचायत में यदि विकास कार्य करना है तो सरपंच, उपसरपंच व पंचों में आपसी तालमेल बहुत जरूरी है पंचों को भी अपने अधिकारी व दायित्वों का निर्वहन करना चाहिये उन्हे पंचायत की हर बैठक में उपस्थित रहना चाहिये तभी उन्हे पंचायत से संबंधित सब जानकारियां मिल सकेगी और जब भी मेरी आवश्यकता पड़ेगी तो मैं आपकी मदद करूंगा साथ ही यह भी कहा कि सभी कर्मचारियों को अपना कार्य पूरी ईमानदारी से करने के साथ ही पात्र हितग्राहियों को शासन की योजना का लाभ दिलवाना चाहिए क्योंकि सेवानिवृत्ति के बाद शासकीय विभाग में उनके द्वारा किये गये कार्य ही याद किये जाते है।

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