Russian Oil Ban: उधर अमेरिका-यूरोप बैन लगाते रहे, इधर भारत की मदद से रूस ने खेल दिया मास्टरस्ट्रोक, एक लूपहोल ने बदली स्क्रिप्ट

0

नई दिल्ली: रूसी कच्चे तेल पर अमेरिका समेत पश्चिमी देशों और यूरोपीय संघ (EU) ने कड़े बैन लगाए हैं। वहीं इन कड़े प्रतिबंधों और एम्बार्गो (आयात प्रतिबंध) के बावजूद एक बड़ा लूपहोल सामने आया है। सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (CREA) की ताजा रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है कि प्रतिबंध लगाने वाले देशों को सीधे तेल न बेच पाने के बाद भी, रूसी तेल अन्य देशों की रिफाइनरियों के जरिए प्रोसेस होकर घूम-फिरकर वापस उन्हीं देशों के बाजारों में पहुंच रहा है।

मई 2026 में भारत, तुर्की, ब्रुनेई और जॉर्जिया जैसे देशों ने रूसी कच्चे तेल को रिफाइन कर बड़े पैमाने पर उन देशों को पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात किए हैं, जिन्होंने खुद रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए हुए हैं। अमेरिका समेत पश्चिमी देशों और यूरोपीय संघ को पेट्रोलियम प्रोडक्ट बेचने में भारत ने भी रूस की मदद में योगदान दिया।₹7052 करोड़ की बिक्री

CREA की रिपोर्ट के अनुसार भारत सहित चार देशों की रिफाइनरियों ने मई 2026 में कुल 641 मिलियन यूरो (करीब 7052 करोड़ रुपये) के तेल उत्पादों का निर्यात सीधे तौर पर प्रतिबंध लगाने वाले देशों को किया है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस कुल रकम में से अनुमानित 214 मिलियन यूरो के प्रोडक्ट सीधे तौर पर रूसी कच्चे तेल को रिफाइन करके ही तैयार किए गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here