बड़वानी: किसी के लिए व्हीलचेयर उम्मीद थी, किसी के लिए ट्राइसाइकिल सहारे का साधन और किसी के लिए कृत्रिम अंग जिंदगी को थोड़ा आसान बनाने वाला उपकरण। इन्हीं उम्मीदों के साथ करीब 200 दिव्यांग और उनके परिजन सोमवार सुबह पानसेमल जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे थे। शिविर की तैयारियां पूरी थीं, टेंट लग चुका था और वितरण के लिए उपकरण भी पहुंच चुके थे। कुछ लाभार्थी उन मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल और अन्य उपकरणों पर बैठकर उन्हें पाने की खुशी महसूस भी कर चुके थे। लेकिन अचानक कार्यक्रम रद्द हो गया और दिव्यांगों को बिना उपकरण लिए ही वापस लौटना पड़ा।
यह शिविर एलिम्को के तहत आयोजित 76वें सामाजिक सशक्तीकरण शिविर का हिस्सा था। 21 सितंबर को पानसेमल जनपद पंचायत कार्यालय में दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों को व्हीलचेयर, ट्राइसाइकिल, अन्य सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरित किए जाने थे। कई लाभार्थी परिजनों के सहारे तो कुछ को उठाकर कार्यक्रम स्थल तक लाया गया था।मायूस होकर लौटे दिव्यांग
अधिकारियों के अनुसार कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पानसेमल विधायक श्याम बर्डे के उपलब्ध नहीं होने के कारण कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। इसके बाद लाभार्थियों को मायूस होकर लौटना पड़ा। कुछ लोगों ने बताया कि वे काफी देर तक इंतजार करते रहे, लेकिन अंततः उन्हें खाली हाथ वापस जाना पड़ा।
बीजेपी नेताओं ने उठाए सवाल
जनपद पंचायत पानसेमल अध्यक्ष शीला वसावे ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और बड़वानी कलेक्टर को लिखित शिकायत भेजकर कार्यक्रम रद्द किए जाने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि विधायक के पास समय नहीं था तो उन्हें एक-दो दिन पहले सूचित किया जाना चाहिए था, ताकि दिव्यांग लाभार्थी 21 सितंबर को शिविर में पहुंचकर परेशान नहीं होते। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि विधायक कुछ समय के लिए उपस्थित होकर वितरण कर सकते थे अथवा अपने प्रतिनिधि को भेज सकते थे।उन्होंने तत्काल नई तारीख तय कर शिविर आयोजित करने और स्वीकृत उपकरणों का वितरण करने की मांग की। शिविर में पानसेमल और खेतिया के भाजपा मंडल अध्यक्षों सहित कई जनपद पंचायत सदस्य भी मौजूद थे।
भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला महामंत्री और जनपद अध्यक्ष शीला वसावे के पति विनोद वासावे ने कहा कि कुछ लाभार्थियों को परिजन उठाकर शिविर तक लाए थे, जबकि कई लोग घंटों इंतजार करने के बाद वापस लौटे। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को पहले ही सूचना दे दी जाती तो उन्हें अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़तीअधिकारियों ने कहा- नई तारीख तय होगी
सामाजिक न्याय विभाग के अधिकारी अवि खन्ना ने बताया कि शिविर के लिए सभी तैयारियां पूरी थीं, लेकिन जिला अधिकारियों के निर्देश पर कार्यक्रम स्थगित करना पड़ा। विभाग के जिला प्रभारी विशाल बड़ोले ने बताया कि विधायक श्याम बर्डे को 11 सितंबर को पत्र के माध्यम से कार्यक्रम की सूचना दी गई थी और इसकी प्राप्ति भी हुई थी। उनके कार्यालय को मौखिक रूप से भी जानकारी दी गई थी। उन्होंने बताया कि विधायक के कार्यक्रम में व्यस्त होने के कारण शिविर रद्द हुआ। अब नई तारीख तय कर ली गई है और शिविर उसी के अनुसार आयोजित किया जाएगा।वहीं विधायक श्याम बर्डे ने स्पष्ट किया कि वे उस समय चल रही संकल्प यात्रा में व्यस्त थे और उन्हें कार्यक्रम की सही जानकारी नहीं मिल पाई थी।
बड़वानी जिले में 17 से 24 सितंबर तक एलिम्को उज्जैन के सहयोग से एडीआईपी और राष्ट्रीय वयोश्री योजना के तहत दिव्यांगजनों तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के पात्र वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क सहायक उपकरण और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने के लिए शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। सोमवार को पानसेमल पहुंचे लाभार्थियों के लिए हालांकि यह दिन मदद मिलने के बजाय इंतजार और निराशा का दिन बनकर रह गया।










































