Ujjain Shahi Masjid: उज्जैन की शाही मस्जिद के इमाम के मुताबिक, इसका इतिहास 1390 तक जाता है और यह करीब 636 साल पुरानी है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण में मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा प्रभावित हो रहा है। इसी रास्ते में मुख्यमंत्री का पैतृक मकान और खड़े हनुमान का मंदिर भी है।उज्जैन: सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण अब शाही मस्जिद तक पहुंच गया है। छत्री चौक स्थित मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा है। इसके विरोध में मुस्लिम पक्ष ने सोमवार सुबह पुलिस पर पथराव कर दिया। रविवार को भी बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग जुटे और पूरी रात वहां मौजूद रहे। प्रशासन और समाज के लोगों के बीच बातचीत के बाद सोमवार सुबह करीब पांच बजे सहमति बनने की बात सामने आई। बाद में भीड़ फिर एकजुट हो गई और पथराव शुरू हो गया। इलाके में अभी तनाव की स्थिति है।
बता दें कि सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में सड़क और यातायात व्यवस्था को बेहतर करने के लिए कई जगह चौड़ीकरण किया जा रहा है। इसी अभियान में पहले खड़े हनुमान मंदिर और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान का हिस्सा भी प्रभावित हुआ है636 साल पुरानी है शाही मस्जिद
शाही मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम के मुताबिक, यह मस्जिद वर्ष 1390 में बनी थी और करीब 636 साल पुरानी है। उन्होंने इसे उज्जैन के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल बताया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में शाही मस्जिद की उम्र करीब 100 साल बताई गई है। मस्जिद पक्ष का कहना था कि वह सड़क चौड़ीकरण में सहयोग करने को तैयार है, लेकिन धार्मिक स्थल के ढांचे को बचाया जाना चाहिए। इमाम ने यह भी दावा किक्यों हटाया जा रहा है शाही मस्जिद का 11 फीट हिस्सा?
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 को देखते हुए शहर की सड़कों को चौड़ा करने की योजना पर काम चल रहा है। शाही मस्जिद के सामने से गुजरने वाले मार्ग का हिस्सा भी इसी योजना में आता है। प्रस्तावित चौड़ीकरण के लिए मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा बाधक माना गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने 9 सितंबर को शाही मस्जिद से जुड़े दो मामलों को खारिज कर दिया था। अदालत के आदेश में सड़क चौड़ीकरण, सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़े प्रशासन के पक्ष का उल्लेख किया गया। अदालत के सामने मस्जिद पक्ष ने कार्रवाई को चुनौती दी थी। हाई कोर्ट ने कहा कि उज्जैन विकास योजना और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के तहत नगर निगम कार्रवाई कर सकता है।रविवार रात क्या हुआ?
मस्जिद के हिस्से को हटाए जाने की कार्रवाई की सूचना के बाद रविवार को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग मौके पर पहुंचे। कई लोग रातभर वहां मौजूद रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया और प्रशासनिक अधिकारियों ने समाज के लोगों तथा धर्मगुरुओं से बातचीत शुरू की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब पांच बजे बातचीत के बाद सहमति बनी। इसके बाद लोग वहां से लौटने लगे, लेकिन अचानक फिर से भीड़ वहां जुटनी शुरू हुई। महिलाएं के साथ बच्चे और युवा भी एक जगह इकट्ठे हो गए। भीड़ ने मौजूद सुरक्षाबलों पर पथराव शुरू कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस की ओर से आंसू गैस के गोले और हवाई फायरिंग करनी पड़ी।ओवैसी ने भी दी प्रतिक्रिया
मामले पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने उज्जैन में विरोध कर रहे लोगों के तरीके को गांधीवादी बताया और मस्जिदों को हटाने की कार्रवाई का विरोध किया। यह राजनीतिक प्रतिक्रिया है; प्रशासन और अदालत के रिकॉर्ड में सड़क चौड़ीकरण को सिंहस्थ 2028 की तैयारियों और यातायात प्रबंधन से जोड़ा गया है।
अभियान में खड़े हनुमान भी आए जद में
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का यह अभियान पहले भी धार्मिक स्थलों को लेकर चर्चा में रहा है। कंठाल से छत्री चौक के बीच सड़क चौड़ीकरण की जद में करीब 170 साल पुराना खड़े हनुमान मंदिर भी आया था। मंदिर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और इसको लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के 9 सितंबर के आदेश में भी सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित धार्मिक स्थलों का संदर्भ आया है। अदालत के रिकॉर्ड के मुताबिक, इसी सड़क से जुड़े काम में कई धार्मिक स्थलों के हिस्सों को हटाया जा चुका थासड़क चौड़ीकरण की जद में मुख्यमंत्री का पैतृक घर भी
इस अभियान की एक दूसरी खास बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक मकान से जुड़ी है। उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का हिस्सा भी प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री ने वहां पहुंचकर पूजन के बाद खुद अपने घर पर गेती चलाई। यह मकान मुख्यमंत्री के बचपन से जुड़ा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके दादा ने वर्ष 1974 में इसे बनवाया था और सड़क चौड़ीकरण में इसका 2.90 मीटर हिस्सा प्रभावित हुआ। उनकी बहन कलावती यादव के मकान का हिस्सा भी योजना की जद में आया।
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