भोपाल में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी 70 वर्षीय राकेश अग्रवाल का शुक्रवार को भादभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। अमेरिका से लौटे उनके बेटे सिद्धांत ने मुखाग्नि दी। इस बीच पुलिस ने अंदेशा जताया है कि केयरटेकर-सह-मेल नर्स वरुण कुमार ने ही 30 सितंबर की तड़के उनकी हत्या की थी।भोपाल: सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल के निधन और उनकी संदिग्ध मौत का मामला अब पूरी तरह से हत्या की गुत्थी में बदल चुका है। शुक्रवार को कड़े सुरक्षा प्रबंध और गमगीन माहौल के बीच भादभदा विश्राम घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अमेरिका से भोपाल पहुंचे उनके बेटे सिद्धांत ने पिता को अंतिम विदाई दी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए उनके ही केयरटेकर पर हत्या का गंभीर संदेह जताया है।
आगरा-मथुरा रूट पर तलाश और तकनीकी जांच
पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वरुण सीधे आगरा पहुंचा था। वहां उसने राकेश अग्रवाल का चुराया हुआ मोबाइल फोन एक परिचित को सौंप दिया था। वर्तमान में यह फोन उसकी सही लोकेशन नहीं दे रहा है, लेकिन पुलिस इसके इस्तेमाल और मूवमेंट को ट्रैक कर रही है। इसके अलावा, पुलिस को यह भी पता चला है कि वरुण का एक पुराना मोबाइल नंबर हाल ही में एक्टिवेट हुआ है, जिसके जरिए उसकी कॉलिंग गतिविधियों और संपर्कों को खंगाला जा रहा है।जांच अधिकारियों के मुताबिक, तकनीकी सर्विलांस के आधार पर वरुण की आखिरी लोकेशन आगरा-मथुरा रूट पर ट्रेस हुई थी। आगरा में उसका सुराग न मिलने पर अब पुलिस दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जाने वाले विभिन्न रूटों के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने आगरा से किसी अन्य शहर के लिए ट्रेन पकड़ी थी या नहीं।
परिजनों से पूछताछ और कड़ियां जोड़ने में जुटी पुलिस
मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने आरोपी वरुण के पिता, बहन और बहनोई से भी पूछताछ की है। हालांकि, शुरुआती पूछताछ में परिजनों ने पुलिस को बताया कि उनका आरोपी से कोई संपर्क या रिश्ता नहीं है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरी वारदात की असल वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल विभिन्न थानों की संयुक्त टीमें आरोपी की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।अमेरिका से लौटे बेटे सिद्धांत ने शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे भादभदा विश्राम घाट पर पूर्व आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की अंत्येष्टि की, जिसमें कई पूर्व आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी मौजूद रहे।
पुलिस का मानना है कि 70 वर्षीय राकेश अग्रवाल की हत्या उनके केयरटेकर-सह-मेल नर्स वरुण कुमार ने 30 सितंबर की तड़के की थी।
चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को घटना से महज चार दिन पहले ही एक हेल्थकेयर एजेंसी के माध्यम से काम पर रखा गया था।
रातीबड़ पुलिस, क्राइम ब्रांच और ज़ोन-1 के लगभग 60 पुलिसकर्मियों की कई टीमें आरोपी वरुण की तलाश में जुटी हैं।










































