Patwari Dismissed: मध्य प्रदेश के देवास जिले में तीन पटवारियों की सेवा समाप्त हो गई है। प्रोबेशन पीरियड में इनका काम संतोषजनक नहीं रहा है। इसके बाद इन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब स्वामित्व योजना का काम पटवारी नहीं कर रहे हैं।देवास: मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के अंतर्गत 50 लाख फ्री रजिस्ट्रियां होनी हैं। लेकिन पटवारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। अभी तक फ्री रजिस्ट्रियों को गति नहीं मिल पाई। पटवारियों को आशंका है कि आगे चलकर कानूनी पचड़े में फंसेंगे। इन विवादों के बीच प्रोबेशन पीरियड में चल रहे तीन पटवारियों को देवास में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया हैकाम में हुए फेल
दरअसल, बर्खास्त किए गए तीन पटवारियों की नियुक्ति 2024 में हुई थी। तीन साल का प्रोबेशन पीरियड था। इसके बाद इनके कार्यों की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान इनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। स्वामित्व योजना के अलावा अन्य कामों में भी इनके नंबर शून्य आए हैं। साथ ही राजस्व की वसूली भी संतोषजनक नहीं रहा है।
इनकी सेवा समाप्त
देवास में पटवारी नितिन विश्वकर्मा, अजय नागर और विशाल टईया की सेवा समाप्त की गई है। यह भी पाया गया है कि ये तीनों अपने निर्धारित हल्कों में नहीं रहते थे। साथ ही समय से दफ्तर भी नहीं आए। लगातार इनके खिलाफ शिकायतें मिल रही थीं।पहले जारी हुआ था नोटिस
शिकायतों के बाद एसडीएम ने इनके खिलाफ जांच की थी। जांच में यह भी पाया गया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की भी अनदेखी की जा रही थी। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद तीनों को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद कार्रवाई की गई।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कार्रवाई
गौरतलब है कि अच्छे प्रदर्शन नहीं होने पर पहले भी पटवारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। लेकिन इस बार की कार्रवाई इसलिए अहम है कि स्वामित्व योजना का काम करने से इनकार कर रहे हैं। अब देखना होगा कि पटवारियों का अगला रूख क्या होता है।
गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की सरकार ने हाल ही में स्वामित्व योजना की शुरुआत की है। इसके तहत 50 लाख परिवारों के जमीन की फ्री में रजिस्ट्री होनी है। इसकी शुरुआत बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम मोहन यादव ने की थी। लेकिन विवादों से बचने के लिए पटवारियों ने अपने हाथ खींच लिए हैं।










































