MP Ka Mausam: 72 घंटे भारी, इंदौर समेत एमपी के 14 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट, अपने जिले का हाल देख लीजिए

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MP Weather Today: इंदौर और आसपास के इलाकों में सोमवार दोपहर अचानक हुई हल्की बारिश के बाद मौसम सुहाना हो गया है। मौसम विभाग ने पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक हल्की और छिटपुट बारिश की संभावना जताई है। इंदौर समेत 14 जिलों में मंगलवार को बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।भोपाल: मध्य प्रदेश के व्यावसायिक शहर इंदौर और इसके आसपास के इलाकों में सोमवार दोपहर को अचानक हुई संक्षिप्त बारिश ने मौसम का मिजाज बदल दिया। सुबह आसमान साफ रहने के बावजूद दोपहर के समय इंदौर और पीथमपुर के कई हिस्सों में अचानक बौछारें पड़ीं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से हल्की राहत मिली।

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले तीन दिनों तक हल्की और छिटपुट बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। इंदौर उन 14 जिलों में शामिल है, जहां मंगलवार को बारिश होने की पूरी संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।MP Weather Forcast: अगले पांच दिनों का पूर्वानुमान

सोमवार को इंदौर का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री ऊपर 20.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले पांच दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में करीब दो डिग्री तक की गिरावट आ सकती है, जिससे ठंडक का अहसास बढ़ेगाMonsoon Farewell: 3 अक्तूबर को विदा हुआ मानसून

खास बात यह है कि मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई गत 3 अक्टूबर को ही हो चुकी है, लेकिन लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण राज्य के कई जिलों में अभी भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला बना हुआ है।इन 14 जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को इंदौर के अलावा उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, देवास, शाजापुर, हरदा और बैतूल जिलों में बारिश होने की संभावना है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में यह दौर 20 से 22 अक्टूबर तक जारी रह सकता है, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के हिस्से फिलहाल मुख्यतः शुष्क बने रहने की उम्मीद है।क्यों बदला अचानक मौसम?

वर्तमान मौसमी परिस्थितियां दक्षिण-पश्चिम राजस्थान से उत्तर-पूर्व अरब सागर की ओर जाने वाली एक ट्रफ लाइन और दक्षिण राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) के कारण बनी हैं। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर एक स्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र (वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया) भी सक्रिय है।

मौसम विभाग का अलर्ट

सोमवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश दर्ज की गई, जिसमें इंदौर में हवा की रफ्तार 31 किमी प्रति घंटा और आगर-मालवा में 68 किमी प्रति घंटा तक दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

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