आतिशबाजी बताई गई वजह
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयदशमी पर्व
अहंकार के प्रतीक रावण मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का हुआ दहन
पानीपत की तर्ज पर निकाला गया चल समारोह रहा मुख्य आकर्षण का केंद्र
आकर्षक झांकियों ने बढ़ाई पर्व विशेष की शोभा
चल समारोह का जगह जगह किया गया भव्य स्वागत
सुरक्षा व्यवस्था के दिखे पुख्ता इंतजाम
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट।नगर के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में आयोजित दशहरा पर्व के दौरान लोग उस समय अचंभे रह गए, जब चल समारोह के मैदान पहुंचने के पूर्व ही रावण जल उठा और चारों तरफ पटाखे की आवाज आनी शुरू हो गई। लोग हैरत से पूछ रहे थे कि अभी तो चल समारोह मैदान पहुंचा ही नहीं फिर रावण दहन किसने किया और रावण का पुतला कैसे जलने लग गया। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता रावण दहन के पटाखे की आवाज सुन लोग इधर उधर हो गए। दरअसल हर साल की तरह इस साल भी नगर के उत्कृष्ट विद्यालय मैदान में दशहरा पर्व पर रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस आयोजन को देखने हजारों की संख्या में लोग उपस्थित थे जहां रावण दहन के लिए नए राम मंदिर से भव्य रूप में चल समारोह निकाला गया था यह चल समारोह नगर के विभिन्न मार्गो का गस्त करता हुआ उत्कृष्ट विघालय मैदान पहुचा ही था कि, उत्कृष्ट विघालय मैदान पुतलों के समीप आतिशबाजी शुरू हो गई। इसी दरमियान आतिशबाजी से निकली चिंगारी रावण के पुतले को जा लगी और रावण का पुतला धू धू करके जलना शुरू हो गया। पहले रावण के पुतले में आग लगी इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता रावण के पुतले के चारों ओर से आग की लपटे निकलने लगी और पटाखे फूटने लगे। उधर रावण दहन के इस मनोहर कार्यक्रम को देखने आए लोग अचंभे रह गए।वही जो लोग काफी दूर से इस नजारे को देख रहे थे वह हैरत में पड़ गए कि अभी चल समारोह ठीक से मैदान के भीतर पहुंचा भी नहीं है और रावण दहन कैसे हो गया। इसी बीच जब लोगों को मामले की जानकारी लगी तो उनकी भी हंसी छूट गई। हालांकि बाद में राम और लक्ष्मण के प्रतीक ने विधि विधान के साथ मेघनाथ और कुंभकरण के पुतलों दहन किया।इसके उपरांत मैदान में उपस्थित दर्शकगण खुशी से झूम उठे।
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया पर्व
जगत जननी मां दुर्गा की आराधना का पर्व नवरात्रि में 9दिनों की उपासना के बाद सत्य पर असत्य की विजय का पर्व मंगलवार 20 अक्टूम्बर को जिला मुख्यालय सहित अन्य तहसील व ग्रामीण अंचलों में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जहां जगह जगह चल समारोह का आयोजन कर धार्मिक परंपराओं और पूर्ण विधि विधान के साथ अहंकार रूपी रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। जहा उपस्थित लोगों ने एक दूसरे को सत्य की जीत के महापर्व विजयदशमी की बधाइयां दी इसी कड़ी में नगर में भी इस पर्व क़ो हर्षोल्लास के साथ मनाने को लेकर लोगो मे खासा उत्साह देखा गया। इस दशहरा पर्व मे मंदिर में सेवा दे रहे साधक चेतन चौरे इस वर्ष हनुमान जी का चोला धारण किया। जिन्होंने भगवान हनुमान की विशेष पूजा अर्चना कर, श्री राम मंदिर में 40 किलो वजनी मुकुट धारण कर विजय दशमी पर्व पर भव्य रूप से निकाले जाने वाले चल समारोह मे भाग लिया। इस दौरान श्री राम मंदिर से ढोल नगाड़ों और भारी जन सैलाब के साथ शोभा यात्रा निकाली गई इस चल समारोह में भगवान श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहे बनी रही।जहां सेवक चेतन चौरे द्वारा भगवान हनुमान का चोला धारण कर जगह-जगह दुर्गा पंडालो और राह मे पड़ने वाले सभी मंदिरो मे पहुँचकर विशेष पूजा अर्चना की गई। श्री राम मंदिर से ढोल नगाड़ों के साथ निकाला गया यह चल समारोह श्री राम मंदिर से हनुमान चौक पहुंचा जहां भगवान हनुमान की विशेष पूजा अर्चना की गई जिसके बाद यह चल समारोह मेन रोड सराफा बाजार से आगे राणा प्रताप चौक, नावेल्टी हाउस चौक, सुभाष चौक से होते हुए महावीर चौक पहुंचा। जहां से गुजरी चौक ,राजघाट चौक से हक्कू शाह बाबा दरबार होते हुए काली पुतली चौक पहुंचा ।वहां से पीजी कॉलेज रोड होते हुए आंबेडकर चौक होते हुए सीधे उत्कृष्ट विद्यालय मैदान पहुंचा जहां परंपरा के अनुसार विशेष पूजा अर्चना कर अहंकार रूपी रावण मेघनाथ और कुंभकरण के पुतले का दहन किया गया।
झाकिया रही मुख्य आकर्षण का केंद्र
मंगलवार 20 अक्टूबर को इस दशहरा पर्व पर नए श्री राम मंदिर से चल समारोह का आयोजन किया गया। जहां हनुमान स्वरूपी सेवक चेतन चौरे मुकुट धारण कर शोभायात्रा में शामिल हुए, जिन्होंने हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इसके अलावा चल समारोह में शामिल झाकिया भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रह…









































