शासन की मंशा के अनुरूप नगर के विभिन्न स्थानों में सांची दुग्ध की दुकानें लगाई जा रही है जिसके चलते कुछ स्थानों पर पूर्व से लगाई गई फुटकर दुकानों को हटाकर सांची दुग्ध का ठेला लगा दिया गया है ऐसे में सांची दुग्ध दुकान लगाने के लिए हटाई गई फुटकर दुकान के संचालक बेरोजगार हो गए हैं जिन्हें अन्य स्थानों में दुकान लगाने की अनुमति न मिलने के कारण जहां उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है तो वही बेरोजगार होने के चलते उन्हें अपना जीवन निर्वाह करने में भारी परेशानी हो रही है जिन्होंने शनिवार को कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपकर दुकान लगाने के लिए नगर में दूसरी जगह दिए जाने की मांग की है।
हमें दुकान लगाने के लिए दूसरी जगह दी जाए-पुष्पा गुप्ता
उक्त मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय में सौपे गए इस ज्ञापन के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान वार्ड नंबर 22 निवासी श्रीमती पुष्पा गुप्ता ने बताया वे उत्कृष्ट विघालय मैदान के सामने एमएलबी स्कूल रोड कॉर्नर पर चाय की दुकान लगा कर अपना जीवन बसर करती थी जहां चाय की दुकान के बाजू में उनका पुत्र शुभम गुप्ता गुटका पाउच की दुकान लगाता था वही उनके पति दिनेश गुप्ता चना फली बेचने का काम करते थे लेकिन कुछ दिनों पूर्व शासन का आदेश दिखाकर उनकी दुकान को वहां से हटा दिया गया है वहीं उनकी दुकान के स्थान पर सांची दुग्ध दुकान का ठेला लगा दिया गया है दुकान हटाने से वे बेरोजगार हो गए हैं जिससे जिंदगी गुजारने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है उन्होंने आगे बताया कि लॉकडाउन के बाद जैसे-तैसे उनका काम शुरू हुआ था कि उनकी दुकान हटा दी गई है वहीं अन्य जगह पर उन्हें कोई दुकान लगाने नही दे रहा है। हमारी मांग है कि हमें नगर की अन्य जगह पर दुकान लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए ताकि वे अपनी जिंदगी गुजर बसर कर सकें।
शासन के निर्देशों के तहत लगाई गई है साँची दुग्ध दुकान-मटसेनिया
वही मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान मुख्य नगरपालिका अधिकारी सतीश मटसेनिया ने बताया कि शासन के निर्देशों के अनुसार नगर के 7 स्थानों पर सांची दुग्ध दुकान लगाई गई है ताकि नगर वासियों को ताजा दूध एवं अन्य वस्तुएं वाजिब दाम पर मिल सके क्योंकि दुकानें शासन के निर्देशों पर लगाई जा रही हैं इसीलिए उन से नपा राजस्व नहीं वसूल सकती वहीं जिन लोगों की दुकान हटाई गई हैं वे लोग शासन की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर अपना व्यवसाय कर रहे थे जिसे कोई राजस्व नहीं मिल रहा था यदि लोग अवैध रूप से शासन की जमीन पर दुकान लगाएंगे तो उन्हें एक ना एक दिन हटना ही पड़ेगा। उन्होंने बताया कि लोगों ने स्वयं की प्रॉपर्टी खरीद कर उस पर दुकान लगाना चाहिए हमारा उद्देश किसी को परेशान करना नहीं है लेकिन शासन से जो भी निर्देश होंगे उसका पालन हमें करना पड़ता है जहां किसी की आपत्ति ना हो ऐसे स्थान पर वे लोग अपनी दुकानों का संचालन कर सकते हैं।










































