कोविड-19 के चलते शासन की मंशा के अनुरूप इस वर्ष भी विद्यार्थियों की परीक्षाएं बोर्ड द्वारा आयोजित नहीं कराई गई जिन्हें जनरल प्रमोशन देकर पास करने के आदेश शासन द्वारा दिए गए हैं शासन की मंशा के अनुरूप ही कक्षा बारहवीं के भी विद्यार्थियों को जनरल प्रमोशन देकर उन्हें पास किया जा रहा है जिनके रिजल्ट जल्द ही जारी कर दिए जाएंगे।ऐसे में कक्षा बारहवीं से जनरल प्रमोशन पर पास होने वाले ज्यादातर विद्यार्थियों को पीजी कॉलेज में एडमिशन लेने के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है विभिन्न संकायों में सीट की संख्या सीमित होने और उन सीटों पर एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के कारण इस वर्ष पीजी कॉलेज में नए विधार्थियों को एडमिशन मिलना मुश्किल लग रहा है क्योकि जनरल प्रमोशन पर कक्षा 12 के सभी विधार्थी पास किए जाएंगे जिनकी संख्या अधिक होने के कारण ज्यादातर विधार्थी एडमिशन के लिए पीजी कॉलेज पहुचेंगे,जहां सभी संकायों में पहले से ही सीट नही नही है ऐसे में इन विधार्थियों को एडमिशन लेने के लिए भारी परेशानी हो सकती है हालांकि कॉलेज प्रबंधन द्वारा सांसद ढाल सिंह बिसेन से नए कलेज की मांग की गई है लेकिन नगर में नया कॉलेज खुला तो दूर की बात अब तक नए कॉलेज खोले जाने को लेकर अनुमति तक नहीं मिल पाई है जिसके चलते पीजी कॉलेज में पढ़ाई कर अपना भविष्य संवारने की सोच रहे कई विद्यार्थियों को पीजी कॉलेज में एडमिशन ना मिलने से मायूस होना पड़ेगा। प्राप्त जानकारी के अनुसार पीजी कॉलेज में 1 वर्ष पूर्व ही शासकीय आदेश पर सीमित सीटो को बढ़ाकर सीटों से अधिक विद्यार्थियों का दाखिला लिया गया था वहीं वर्तमान समय में 3हजार विद्यार्थियों की क्षमता वाले इस कॉलेज में 8हजार विद्यार्थियों का एडमिशन पहले ही हो चुका है ऐसे में जनरल प्रमोशन लेकर एडमिशन कराने के लिए पीजी कॉलेज पहुंचने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
पृथक लॉ कालेज का सपना अबतक अधूरा
नगर के अग्रणीय महाविद्यालय पीजी कॉलेज में वर्षो से लंबित प्रथक लॉ कॉलेज की मांग अब तक अधूरी है प्रथम लॉ कॉलेज निर्माण कराने के लिए पीजी महाविद्यालय को शासन द्वारा वारासिवनी रोड स्थित ग्राम डोंगरिया में 10 एकड़ की जमीन पूर्व में आवंटित की जा चुकी है भूमि के हस्तांतरण के बाद जिले में प्रथक लॉ कॉलेज का सपना पूरा होता नजर आ रहा था कहा जा रहा था कि नए सत्र से पृथक ला कालेज शुरू हो जाएगा।जिससे पीजी कालेज में ला क्लास के कमरे खाली हो जाएंगे जिससे आवश्यकता अनुसार संकाय की सीट बढाकर अधिक विधार्थियो का एडमिशन लिया जाएगा।लेकिन ला कॉलेज बिल्डिंग निर्माण के लिए फंड का आवंटन अब भी इस राह में रोड़ा बना हुआ है ।प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रथक लॉ कॉलेज बनाने के लिए 10 एकड़ जमीन मिलने के बाद अब पीजी महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा राशि के आवंटन का प्रयास शुरू कर दिया गया है राशि का आवंटन होते ही लॉ कॉलेज बिल्डिंग निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी जिसके उपरांत लॉ कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा कॉलेज प्रबंधन द्वारा संभावना जताई जा रही है कि उन्हें जल्द ही लॉ कॉलेज की नई बिल्डिंग निर्माण के लिए राशि का आवंटन किया जाएगा और जल्द से जल्द लॉ कॉलेज की बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाएगी।जो वर्तमान समय मे मुमकिन हो पाना असंभव लग रहा है। ऐसे जो जनरल प्रमोशन से पास होकर आने वाले विधार्थी पीजी कालेज प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ा सकते है।
साइंस कॉलेज के लिए भी वर्षो से कर रहे इंतजार
पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या अधिक और व्यवस्था कम होने की बात कोई नई नहीं है बल्कि पीजी कॉलेज को वर्षों से नई बिल्डिंग की दरकार है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है बैठने की जगह कम और विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के चलते पीजी कॉलेज की व्यवस्था लगातार बिगड़ती जा रही हैं प्राप्त जानकारी के अनुसार पीजी कॉलेज अपनी व्यवस्था को सुधारने के लिए कॉलेज के बाजू स्थित बूढ़ी हाई स्कूल की बिल्डिंग को कैप्चर करना चाहता है उस बिल्डिंग का उपयोग कुछ समय के लिए करने पर पीजी कॉलेज विचार कर रहा है पर कॉलेज प्रबंधन इसमे भी अब तक सफल नहीं हो पाया है वही साइंस कॉलेज बनाने के लिए नई बिल्डिंग की मांग वर्षो पुरानी है जो अब तक पूरी नहीं हो पाई है। कॉलेज में नई बिल्डिंग ना होने से कॉलेज की व्यवस्था दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है इसके अलावा अपनी वाह वाही लूटने और छात्र संगठनों के दबाव में आकर सरकार प्रतिवर्ष सीट बढ़ाने का फरमान जारी कर देती है जिससे विद्यार्थियों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है और व्यवस्था बिगड़ते जाती है।उधर प्रथक लॉ कॉलेज बिल्डिंग का निर्माण करने के लिए10 एकड़ भूमि के आवंटन के बाद,बिल्डिंग निर्माण के लिए फंड नही मिल रहा है इधर साइंस कॉलेज के लिए नई बिल्डिंग की वर्षो पुरानी मांग अब तक पूरी नही हो पाई है। वर्तमान समय में साइंस कॉलेज के लिए अब तक नई बिल्डिंग के लिए जगह का आवंटन नहीं किया गया है और ना ही जगह का चयन हो पाया है जिसे देख ऐसा लगता है मानो विद्यार्थियों और कॉलेज प्रबंधन को साइंस कॉलेज की नई बिल्डिंग के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है।ऐसे में जनरल प्रमोशन लेकर एडमिशन के लिए पीजी कालेज पहुचने वाले विद्यार्थियों को एडमिशन ना मिलने पर परेशान होना पड़ सकता है।
हमने शासन से पृथक महाविद्यालय की मांग की है -गोविंद सिरसाठे
इस पूरे मामले के संदर्भ में की गई चर्चा के दौरान पीजी कॉलेज प्रभारी प्राचार्य गोविंद सिरसाठे ने बताया कि जो जनरल प्रमोशन हो रहा है उसकी अंकसूची प्राप्त होगी अंकसूची के आधार पर एडमिशन लेने वालों की मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी और जितनी सीट होगी उसी आधार पर एडमिशन लिया जाएगा उन्होंने बताया कि पीजी कॉलेज में ही सबसे ज्यादा एडमिशन के लिए विद्यार्थी आते हैं पिछले वर्ष भी 3 गुना सीट बढ़ाई गई थी सभी संकाय में सीट निर्धारित है उसी के आधार पर हम प्रवेश देंगे वैसे भी कॉलेज में छात्र संख्या पहले से काफी बढ़ गई है हमने शासन से पृथक महाविद्यालय की मांग की है जिस पर सांसद ढालसिह बिसेन ने हमे नया महाविद्यालय के लिए आश्वासन दिया है कॉलेज की जितनी क्षमता है उस क्षमता से 3 गुना अधिक विद्यार्थी कॉलेज में अध्ययनरत हैं यदि सभी विद्यार्थी एक साथ आ जाएं तो काफी परेशानी हो सकती है यदि एडमिशन को लेकर शासन स्तर से कोई आदेश आता है तो उस आदेश के तहत कार्य किया जाएगा।










































