तहसील लाँजी के ग्राम पाथरगांव में गौठान की भूमि पर किए गए अतिक्रमण और अवैध निर्माण को हटाए जाने की मांग को लेकर 25 अप्रैल से 10 दिनों तक तहसील कार्यालय लांजी में भूख हड़ताल करने वाले पाथरगांव निवासी धनेश कुमार दुरुगकर ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर पुन: उक्त मांग को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी है. बुधवार को कलेक्टर कार्यालय भी सौपे गए ज्ञापन में उन्होंने लाँजी तहसीलदार द्वारा दिया गया आश्वासन अब तक पूरा ना होने पर अपनी नाराजगी जताते हुए अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने की बात कही है. कलेक्टर कार्यालय में सौंपे गए इस ज्ञापन में उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक गौठान पर किया गया अतिक्रमण और अवैध निर्माण नहीं हटाया जाता तब तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी भूख हड़ताल किसी के आश्वासन पर टाली नहीं जाएगी।
11 वर्ष पूर्व अतिक्रमण हटाने का न्यायालय ने दिया था आदेश, अब तक नहीं हटा अतिक्रमण
बताया जा रहा है कि लांजी तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम पाथरगांव में वहां के एक राजनीतिक पकड़ वाले प्रतिष्ठित व्यक्ति ने 22 डिसमिल गौठान की भूमि पर कब्जा कर अपना मकान बनाया था. जिसने अपने पद पर रहते हुए शासकीय भूमि में मकान बनाकर निवास करने वाले ग्रामीण धनेंद्र कुमार दुरुगकर का मकान तुड़वा दिया था. जिस पर धनेश ने कागजी कार्यवाही कर प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा गौठान भूमि पर बनाए गए मकान को अवैध बताते हुए उसे तोडऩे की मांग की थी. जिसका प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था. लंबे समय बाद 17 फरवरी 2011 को माननीय न्यायालय ने प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा गौठान की भूमि में बनाए गए मकान को अवैध बताते हुए उसे हटाए जाने के आदेश दिए थे. लेकिन इस आदेश को 11 वर्ष से भी अधिक का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक अमले द्वारा शासकीय गौठान की भूमि पर प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा बनाया गया मकान नहीं तोड़ा गया. इसी मामले में 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने से नाराज धनेंद्र ने तहसील कार्यालय लांजी के सामने 25 अप्रैल 2022 से भूख हड़ताल शुरू कर उन्हें इंसाफ दिलाए जाने की मांग की थी. जहां धनेश की भूख हड़ताल के दसवें दिन लांजी तहसीलदार ने 1 माह के भीतर गौठान भूमि का अवैध निर्माण हटाने का आश्वासन देकर धनेश की भूख हड़ताल खत्म कराई थी. लेकिन इस आश्वासन को बीते 4 माह होने के बाद भी गौठान की भूमि से अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया है. वही आवेदन निवेदन करने पर भी आवेदक की कहीं सुनवाई नहीं हो रही है. जिस पर अपनी नाराजगी जताते हुए आवेदक धनेंश ने कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर गौठान की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को तुरंत हटाए जाने की मांग की है. वही मांग पूरी ना होने पर उन्होंने पुन: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किए जाने की चेतावनी दी है.जिसमे उन्होंने स्पष्ट किया कि अब उनकी भूख हड़ताल किसी के आश्वासन पर टाली नहीं जाएगी और जब तक गौठान भूमि से अवैध निर्माण नहीं हटेगा तब तक उनकी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी।
जब तक अतिक्रमण नहीं हटेगा अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रहेगी- धनेश कुमार दुरुगकर
ज्ञापन को लेकर की गई चर्चा के दौरान आवेदक धनेश कुमार दुरुगकर ने बताया कि गौठान भूमि से अतिक्रमण हटाए जाने की मांग को लेकर उन्होंने 25 अप्रैल भूख हड़ताल शुरू की थी. 10 दिनों तक भूख हड़ताल जारी रही. इस दरमियान तहसीलदार द्वारा एक माह के भीतर गौठान भूमि से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया गया था. लेकिन उनका आश्वासन आज तक पूरा नहीं हुआ. अब जब हमने उन्हें अतिक्रमण हटाने के लिए कहा तो उन्होंने इसके लिए साफ मना कर दिया. इसलिए हम अंतिम बार कलेक्टर कार्यालय ज्ञापन सौंपने आए हैं.यदि गौठान भूमि से अतिक्रमण नहीं हटता तो उनके द्वारा अब अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी और उनकी या हड़ताल किसी के आश्वासन पर नहीं टलेगी।









































