नीतीश कुमार के पाला बदलने के बाद भाजपा इन दिनों बिहार को लेकर काफी सजग है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा का कोर ग्रुप लोक जनशक्ति पार्टी के दोनों गुटों को फिर से एकजुट करने में जुट गया है। ताकि दलित वोट बैंक में बंटवारे को रोककर दलितों के बीच की भागीदारी बढ़ाई जा सके।
इसी तरह भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल का कार्यकाल अगले माह पूरा होने जा रहा है। इस संबंध में भाजपा की कोर ग्रुप की बैठक में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह, संगठन महासचिव बीएल संतोष, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे,गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद तथा पूर्व मुख्यमंत्री सुशील मोदी के साथ बैठक कर बिहार की आगामी राजनीति और सियासी उठापटक की रणनीति तैयार की गई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जंगलराज, अपराधिक एवं भ्रष्टाचार के मामलों में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दागदार बनाने की रणनीति तैयार की गई है। उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को गुंडा माफिया बनाकर पेश करने, सीबीआई और ईडी की त्वरित कार्रवाई करने की रणनीति बनाई गई है।
नीतीश कुमार ने जिस तरह से भाजपा और प्रधानमंत्री को चुनौती दी है। नीतीश कुमार राष्ट्रीय परिदृश्य में अपनी जो भूमिका देख रहे हैं। उसको देखते हुए भाजपा ने साम दाम दंड भेद की नीति अपनाकर सबक सिखाने का मंसूबा तैयार किया है। बिहार में मीडिया का उपयोग किस तरह से हो, इसकी भी रणनीति तैयार की गई है।









































