शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मनरेगा के तहत काम देकर उनकी मजदूरी का भुगतान कराया जाता है, ताकि गांव में रहने वाले बेरोजगार ग्रामीणों को काम मिल सके और गांव से मजदूरों का पलायन रोका जा सके. लेकिन पंचायतों में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले निर्माण कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा . जहां जरूरतमंद मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है तो वही मृत हो चुके व्यक्ति मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं. जिसका भुगतान भी बकायदा पंचायत द्वारा मृत इंसान को किया जा रहा है. यह बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि यह आरोप जनपद पंचायत खैरलांजी के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत कन्नड़गांव के ग्रामीणों ने लगाया है. जिन्होंने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपते हुए,पंचायत के रोजगार सहायक पर फर्जी बिल वाउचर और फर्जी मस्टररोल भरकर शासकीय भूमि हरण करने का आरोप लगाते हुए पंचायत द्वारा किए गए विभिन्न निर्माण कार्य और उनके भुगतान संबंधी जांच किए जाने की मांग की है. जिन्होंने 5 बिंदुओं की जांच कर दोषियों पर वैधानिक कार्यवाही करने की मांग करते हुए ग्रामीणों को इंसाफ दिलाने की गुहार लगाई है.









































