महाविद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने के प्रमुख उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए ,मध्य प्रदेश सरकार द्वारा करीब 2 माह पूर्व प्रदेश के समस्त महाविद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीन लगाकर ऑफलाइन की जगह ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन इस आदेश को 2 माह बीत जाने के बाद बाद भी शासन के आदेश पर अमल होता नजर नहीं आ रहा है। जहां अब भी शासन के इन आदेशों को दरकिनार कर विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की उपस्थिति ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन रजिस्टर में दर्ज की जा रही है ।इसके पीछे असली वजह अब तक बायोमेट्रिक मशीनों को ना खरीदा जाना बताया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के किसी भी महाविद्यालय प्रबंधन ने अब तक बायोमेट्रिक मशीनें नहीं खरीदी है। जिसके चलते विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की उपस्थिति पूर्व की भांति रजिस्टर में ही दर्ज की जा रही है।
1 अक्टूबर से समस्त कॉलेजों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के दिए थे निर्देश
प्राप्त जानकारी के अनुसार उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 1 अक्टूबर से कॉलेजों में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए थे। लेकिन विडम्बना यह है कि जिले के कॉलेजों में बायोमेट्रिक्स मशीनें ही उपलब्ध या क्रय नहीं हो पाई है। जिसके चलते 2 माह बाद भी कॉलेजों में ऑफलाइन उपस्थिति दर्ज की गई है। जिले के अग्रणी महाविद्यालय शासकीय पीजी कॉलेज बालाघाट और शासकीय कन्या महाविद्यालय बालाघाट में अभी तक मशीनें क्रय नहीं हो पाई है। पीजी कॉलेज में मशीन क्रय करने के लिए निविदा जारी कर दी थी, लेकिन अधिक मशीनें लगने के चलते निविदा को निरस्त करना पड़ा है। पुन: अधिक मशीनेें क्रय करने के लिए निविदा जारी की है। इसी तरह कन्या महाविद्यालय में भी मशीन क्रय करने कॉलेज प्रबंधन द्वारा पत्राचार किया गया है।
रजिस्टर में लगाई जा रही है उपस्थिति
पीजी कॉलेज और कन्या महाविद्यालय में अभी ऑफलाइन अटेंडेंस लगाई जा रही है। दोनों ही कॉलेजों में रजिस्टर में ही प्राध्यापकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज हो रही है। बायो मेट्रिक्स अटेंडेंस मशीन लगने के बाद ही ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज होगी। लेकिन इन महाविद्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें कब आएंगी कब लगेंगी और कब से कब विद्यार्थियों और प्राध्यापकों की ऑनलाइन अटेंडेंस लगनी शुरू हो जाएंगी यह फिलहाल कहना काफी मुश्किल है
पीजी कॉलेज 13 हजार से अधिक बच्चे
बात अगर नगर के जटाशंकर त्रिवेदी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की करे तो पीजी कालेज में स्नातक से स्नातकोत्तर की कक्षाओं में 13 हजार से अधिक बच्चे दर्ज हैं। इसके अलावा कॉलेज स्टाफ शामिल है। छात्रों और कॉलेज स्टाफ के लिए फिलहाल 25 मशीनें लगाने की योजना है। प्रायोगिक तौर पर बायो मेट्रिक्स अटेेंडेंस में सफल होने के बाद ही आगे और मशीनें लगाई जा सकती है। लेकिन आज तक इस कॉलेज में एक मशीन भी उपलब्ध नहीं हो पाई है,
कन्या महाविद्यालय में है करीब 4 हजार बच्चे
वही बात अगर नगर के कमला नेहरु शासकीय कन्या महाविद्यालय बालाघाट की करें तो गर्ल्स कॉलेज में करीब चार हजार छात्राएं और कॉलेज स्टाफ शामिल है। इस कॉलेज में 8 बायोमेट्रिक मशीन लगाए जाने की योजना है। फिलहाल दो या तीन मशीनें ही लगाई जाएंगी। प्रायोगिक तौर पर बायो मेट्रिक्स अटेेंडेंस सफल होने के बाद ही आगे अन्य मशीनों को इंस्टाल किए जाने की बात प्रबंधन द्वारा कहीं जा रही है।
मशीन आते ही ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा _सिरसाठे
इस पूरे मामले को लेकर की गई चर्चा के दौरान पीजी कॉलेज प्राचार्य डॉ गोविंद सिरसाठे ने बताया कि कॉलेज में बायोमेट्रिक मशीनें लगाए जाने के निर्देश शासन से प्राप्त हुए हैं. इसी बायोमेट्रिक मशीनों में स्टाफ और बच्चे को ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज कराना है. इस मशीन की खरीदी के लिए ऑर्डर दे दिया गया है. कॉलेज में फिलहाल 25 मशीनें लगाई जानी है .लेकिन वह मशीनें अभी कॉलेज को प्राप्त नहीं हुई है .उन्होंने बताया कि शासन द्वारा बच्चों की उपस्थिति को सुनिश्चित करने के लिए बायोमैटक मशीन में अटेंडेंस लगाने को कहा गया है. हमें उम्मीद है कि 1 दिसंबर तक 25 मशीनें कॉलेज को प्राप्त हो जाएंगी .जहां मशीने प्राप्त तो होते ही बायोमैट्क मशीन में ऑनलाइन अटेंडेंस लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
मशीनें कहकर क्रय करने लिए पत्र लिखा है ,दिनेश मेश्राम
वही इस पूरे मामले को लेकर दूरभाष पर की गई चर्चा के दौरान कन्या महाविद्यालय बालाघाट प्राचार्य डॉ दिनेश मेश्राम ने बताया कि कन्या महाविद्यालय में 8 बायो मेट्रिक्स मशीनें लगाने की योजना है। पहले दो या तीन मशीनें लगाएंगे। इसके बाद आगे और मशीने लगाई जाएगी। कॉलेज में करीब चार हजार छात्राएं दर्ज है। मशीन क्रय करने के लिए पत्र लिखा गया है। मशीनें क्रय करने की प्रक्रिया प्रोसेस में है। हमे जल्द ही बायोमेट्रिक मशीनें प्राप्त हो जाएंगी।









































