जनपद पंचायत लालबर्रा अंतर्गत ग्राम पंचायत कोपे में एसआईडब्ल्यूएम के तहत सेग्रीगेशन शेड निर्माण कार्य वर्तमान में अधूरा पड़ा हुआ है। जिसका पूर्ण निर्माण नहीं किए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है जिनके द्वारा पूर्व सरपंच सुनीता पति शैलेश घरडे पर योजना की राशि आहरण किए जाने और समय रहते कार्य को पूरा ना करने का आरोप लगाया जा रहा है। विदित हो कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत जनपद पंचायत लालबर्रा के ग्राम पंचायत कोपे को एसआईडब्ल्यूएम के तहत सेग्रीगेशन शेड निर्माण की स्वीकृति दी गई थी। जिसके लिए 5 लाख 99 हजार रुपए की स्वीकृति दी गई थी जो मनरेगा के तहत कार्य होना था। किंतु करीब 2 वर्ष बीत जाने के बाद भी उक्त निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है वही जर्जर अवस्था में पड़ा हुआ है। जबकि यह निर्माण कार्य का उद्देश्य ग्राम की महिलाओं के हाथ को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें रोजगार देना था जहां पर समूह के द्वारा खाद्यान सामग्री बनाने एवं ग्राम के कचरे को अलग अलग किया जाना था। ऐसी स्थिति में इस कार्य के पूर्ण होने से ग्राम की महिलाओं को यहां काम मिलता जिससे वह अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर पाती परंतु यह कार्य वर्तमान में अधूरा होने से ग्रामीणों में पंचायत के प्रति रोष व्याप्त है। उन्होंने इस कार्य की जांच करने की मांग जनपद पंचायत से की है।
ग्रामीण तेजेश्वरी बंसोड़ ने पद्मेश से चर्चा में बताया कि यह सेग्रीगेशन शेड है जो 297 मानव दिवस 5 लाख 99 हजार रुपए की राशि से बनना था। जो अन्य स्थानों पर बन गया है हमारे यहां पूर्व सरपंच सुनीता घरडे ने काम को अधूरा रखा है और इसमें लग रहा है कि भ्रष्टाचार किया गया है। श्रीमती बंसोड़ ने बताया कि जितना निर्माण हुआ है उसकी जर्जर स्थिति है पूरा यह निर्माण नहीं हुआ है। इसका उद्देश्य हम महिलाओं को काम देना था यहां पर गीला सूखा कचरा अलग अलग करना था खाद्य सामग्री समूह के द्वारा बनाई जाना था। हम चाहते हैं कि इस कार्य की जांच कर इसे पूर्ण किया जाए और यदि भ्रष्टाचार निकलता है तो पूर्व सरपंच से वसूली की जाये।
ग्रामीण विनोद सोनवाने ने बताया कि यह रीसायकल भवन आधा अधूरा है इसमें पूर्ण रूप से निर्माण नहीं किया गया है जिसके कारण समस्या बनी हुई है। ग्राम की महिलाओं पुरुषों को यहां पर जो रोजगार मिलना था वह नहीं मिल पा रहा है हम चाहेंगे कि इसे पूर्ण किया जाये। श्री सोनवाने ने बताया कि इसमें जानकारी मिली है कि इसकी पूरी राशि पूर्व सरपंच ने आहरण की है यदि ऐसा है तो जांच होनी चाहिए और वर्तमान सरपंच से भी हमने चर्चा किए हैं कि इसे बनाया जाये।
ग्रामीण नरेश बंसोड़ ने बताया कि हमारा लालबर्रा में सभी सेग्रीगेशन शेड जहां भी स्वीकृत हुआ था वहां पर बनकर तैयार हो चुका है पर ग्राम पंचायत कोपे में सेग्रीगेशन शेड मात्र 10 प्रतिशत से ज्यादा बना है और राशि निकाल ली गई है। जबकि यह एक कार्य अवधि का कार्य है जो स्वीकृत हुए 4 वर्ष हो गया है और इसके निर्माण नहीं होने से ग्राम की उन्नति और तरक्की पर फर्क पड़ रहा है। शासन की रोजगार देने की मंशा भी बाधित हुई है इसमें अभी बहुत काम करना है। इसलिए प्रशासन इस ओर जांच कर रिकवरी करें जिसकी शिकायत हमने जनपद से लेकर जिला पंचायत तक दे दी है।
वर्तमान सरपंच लक्ष्मण आचरे ने बताया कि यह पूर्व का काम है और इसकी लागत खत्म हो गई है 5 लाख 99 हजार रुपए इसकी लागत थी। जिसमें मटेरियल का 257854 मजदूरी का 56935 और मिस्त्री का 21000 रुपए का पेमेंट निकल चुका है कुछ राशि बची हुई है। जिसमें मजदूरी की राशि पूरी निकल गई है ऐसी स्थिति में इसे पूर्ण करने में हम असमर्थ है जिसके लिए जनपद को जांच करना चाहिये उसके बाद ही इसे पूर्ण किया जायेगा।
पूर्व सरपंच प्रतिनिधि शैलेश घरड़े ने बताया कि जो सेग्रीगेशन शेड स्वीकृत हुआ था वह उनके कार्यकाल का है। जिसके निर्माण के दौरान ही आचार संहिता लग गई थी जिससे काम का मूल्यांकन कर राशि निकाली गई थी और जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबुनियाद है। हम उस कार्य को आज भी पूर्ण करने को तैयार है मगर सरपंच हमें लिखित में दे की इसके मूल्यांकन का जो भी बिल वाउचर होगा उसमें वह हस्ताक्षर कर निकाल देंगे तो हम निर्माण कर देंगे। श्री घरडे ने कहा कि यह कार्य का मूल्यांकन पर भुगतान होता है मनरेगा में शेष राशि पंचायत में बची हुई है जो पंचायत के चार्ज देने के समय वर्तमान सरपंच को हमने सारे निर्माण कार्यों की जवाबदारी दे दी थी। वर्तमान में सरपंच के द्वारा जो भी कार्य करवाया जा रहा है उसमें 75 प्रतिशत काम हमारे पूर्व के स्वीकृत कराये गये कार्य है।
इनका कहना है
दूरभाष पर बताया कि ग्राम पंचायत कोपे की पूर्व में करीब 3 शिकायतें हैं जिसमें से 2 पर जांच की जा चुकी है और इस विषय पर भी जांच की जायेगी।
गायत्री कुमार सारथी
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लालबर्रा









































