China Spy Satellite: भारत की पृथ्वी, अग्नि, आकाश को खतरा? चीन ने लॉन्च किया थर्मल सिग्नेचर पकड़ने वाला जासूसी सैटेलाइट

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चीन का एक्सपेरिमेंटल कम्युनिकेशन सैटेलाइट TJS-25 की खास बातें

  • चीन का टोंगक्सिन जिशु शियान-25 या TJS-25 एक इंजीनियरिंग टेस्ट सैटेलाइट है, जिसे खास तौर पर अर्ली मिसाइल वॉर्निंग के तौर पर विकसित किया गया है।
  • TJS-25 सैटेलाइट दुश्मनों की मिसाइलों को लॉन्च होने के बाद टर्मिनल फेज में पकड़ सकता है और इससे जुड़ी जानकारी को चीन को भेज सकता है।
  • इसमें मिसाइल की स्पीड, टाइप, वारहेड और लक्ष्य जैसी संवेदनशील जानकारियां शामिल हो सकती हैं, जिससे चीन को उसे मार गिराने में आसानी होगी।
  • चीन के इस सैटेलाइट से भारतीय बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है, जिसे खास तौर पर उसके और पाकिस्तान के लिए बनाया गया है।

बीजिंग: चीन ने इस महीने एक ऐसे सैटेलाइट को लॉन्च किया है, जो भारतीय मिसाइलों को उड़ान भरते ही डिटेक्ट कर लेगा। यह सैटेलाइट मिसाइलों से निकलने वाली गर्मी को पहचान कर उसकी जानकारी चीन को देगा। इससे चीन की निगरानी क्षमता में अभूतपूर्व इजाफा होने की आशंका है। ऐसे में युद्ध के दौरान चीन इस सैटेलाइट की मदद से भारत की जासूसी कर सकता है। इससे भारत की अग्नि और पृथ्वी सीरीज की बैलिस्टिक मिसाइलों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। चीन इस सैटेलाइट से मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल न सिर्फ खुद के लिए, बल्कि उसे भारत के दुश्मनों, जैसे- पाकिस्तान के साथ साझा कर सकता है।

मिसाइलों के हीट सिग्नेचर डिटेक्ट करता है चीनी सैटेलाइट

चीन की इस निगरानी सैटेलाइट का नाम टोंगक्सिन जिशु शियान-25 (TJS-25) है। इसे 11 जून को, चीन के वेनचांग स्पेस लॉन्च सेंटर से लॉन्ग मार्च 5 कैरियर रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था। चीन ने TJS-25 को एक इंजीनियरिंग टेस्ट सैटेलाइट बताया है। उसका कहना है कि इसे अगली पीढ़ी की कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, डिफेंस एनालिस्ट और सैटेलाइट ट्रैकर्स का मानना है कि TJS-25 एक जासूसी सैटेलाइट है, जो मिसाइलों के हीट सिग्नेचर को डिटेक्ट कर सकता है।

TJS-25 सैटेलाइट का काम क्या है?

TJS-25 सैटेलाइट का वजन लगभग 10,000 किलोग्राम है। इस सैटेलाइट को लॉन्च करने का उद्देश्य इंडो-पैसिफिक और दुनिया भर के इलाकों में विदेशी मिलिट्री कम्युनिकेशन, रडार सिग्नेचर, टेलीमेट्री और इलेक्ट्रॉनिक एमिशन को इंटरसेप्ट करना, इकट्ठा करना और उनका एनालिसिस करना है। इस सैटेलाइट में बड़े, अल्ट्रा-वाइडबैंड लॉग-पीरियडिक फोल्डेबल एंटीना लगाए गए हैं, जिन्हें पृथ्वी से आने वाले कमजोर रेडियो और रडार सिग्नल को पकड़ने के लिए डिजाइन किया गया है। यह चीन के लिए अर्ली मिसाइल वॉर्निंग की भूमिका भी निभा सकता है।

TJS-25 सैटेलाइट से भारत को कैसे खतरा है?

चीन ने अभी तक टोंगक्सिन जिशु शियान सीरीज के कम से कम दो सैटेलाइटों को लॉन्च किया है, जिनके नाम TJS-24 और TJS-25 हैं। इनमें से एक सैटेलाइट TJS-24 को दक्षिणी चीन सागर के ऊपर निगरानी करते देखा गया है, जहां पर चीन के कई दुश्मन एक्टिव हैं। इनमें अमेरिका, ताइवान, फिलीपींस, जापान जैसे देश शामिल हैं, जिनके पास एक से बढ़कर एक मिसाइले हैं। वहीं, दूसरे सैटेलाइट TJS-25 को खास तौर पर भारत की निगरानी करने के लिए लॉन्च किया गया है, जो हिंद महासागर, बंगाल की खाड़ी के इलाके के ऊपर मंडराकर इलाके की जासूसी कर सकता है।

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