मंदसौर जिले का मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र यूं तो प्रदेश और देश में अफीम उत्पादन के लिए पहचाना जाता है लेकिन बीते सालों में इसकी पहचान किसान आंदोलन, गोलीकांड जैसी घटनाओं की वजह से भी होने लगी है। कभी मेवाड़ राज्य का हिस्सा रहा कनोर जब मराठा साम्राज्य का अंग बना तो मल्हाराव के नाम पर इसे मल्हारगढ़ कहा जाने लगा। इस विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के जगदीश देवड़ा विधायक हैं, जो प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री भी हैं।
मूलत: कृषि प्रधान यह क्षेत्र मंदसौर और नीमच को जोड़ता है। कनेक्टिविटी के लिहाज से पूरे क्षेत्र में अच्छी सड़कों का जाल बिछा है। कृषकों के लिए उन्नत मंडियां भी हैं, लेकिन भारत के चार प्रमुख बांधों में शामिल चंबल नदी पर बने गांधी सागर बांध के बाद भी यह क्षेत्र अब तक सिंचाई के लिए पानी की बेहतर उपलब्धता का इंतजार कर रहा है। 2017 में विधानसभा क्षेत्र के पिपलियामंडी में मांगों को लेकर किसानों के उग्र आंदोलन में पुलिस की गोली से पांच किसानों की मौत हो गई थी। राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित इस मुद्दे के बाद भी किसान स्थिति में विशेष सुधार नहीं देखते हैं।
अफीम तस्कर रहते हैं सक्रीय, फूड प्रोसेसिंग यूनिट की है कमी
अफीम उत्पादकों की पीड़ा है कि अफीम का सही दाम नहीं मिल पाता। इसी का फायदा उठाकर तस्कर पूरे क्षेत्र में सक्रिय रहते हैं और किसानों से महंगे दामों पर अफीम खरीदने की कवायद में जुटे रहते हैं। प्रदेश के वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जगदीश देवड़ा यहां से तीसरी बार विधायक हैं। कृषि क्षेत्र होने के बाद भी यहां न तो फूड प्रोसेसिंग यूनिट है, न ही फसल को संरक्षित रखने के लिए अच्छी संख्या में कोल्ड स्टोरेज बने हैं।









































