कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए सीएम ने कहा कि इस देश पर अब तक सबसे ज्यादा शासन इसी पार्टी ने किया और उसके समय भी एसआईआर हुआ। कांग्रेस को अपनी गैर-जिम्मेदार हरकतों को नियंत्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी मतदाता सूची से जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो वह कुछ नहीं बोलता।Yogi Adityanath : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी (SIR) पर विपक्ष के रवैये पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को तीखा हमला बोला। सीएम योगी ने विपक्ष पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने एवं जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। कांग्रेस को निशाने पर लेते हुए सीएम ने कहा कि इस देश पर अब तक सबसे ज्यादा शासन इसी पार्टी ने किया और उसके समय भी एसआईआर हुआ। कांग्रेस को अपनी गैर-जिम्मेदार हरकतों को नियंत्रित करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी मतदाता सूची से जब विपक्ष चुनाव जीतता है तो वह कुछ नहीं बोलता।
कांग्रेस के समय भी हुआ है SIR-सीएम योगी
सीएम ने कहा, ‘SIR को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। ऐसा नहीं है कि मौजूदा चुनाव आयोग पहली बार इस तरह की प्रक्रिया कर रहा है। इससे पहले भी, अक्सर कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारों के दौरान, 1952, 1957, 1961, 1965-66 और यहां तक कि 2003 में भी इसी तरह के पुनरीक्षण किए गए थे। इसके बावजूद मौजूदा SIR को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, RJD और अन्य दलों की ओर से जिस तरह का हंगामा किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।’लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाला है विपक्ष का रवैया’
उन्होंने आगे कहा, ‘कांग्रेस और विपक्षी दलों का रवैया हमेशा से ऐसा रहा है कि वे अपने राजनीतिक हितों के लिए भारत की संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने वाली हर साजिश का हिस्सा बनते हैं। इससे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को नुकसान पहुंच सकता है। यह हैरानी की बात है कि देश की मुख्य विपक्षी पार्टी और UPA गठबंधन से जुड़े अन्य दलों की मौजूदा गतिविधियां और बयानबाजी बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।’ECI ने कई कदमों की घोषणा की
एसआईआर के दौरान आईं समस्याओं को लेकर घिरे निर्वाचन आयोग ने शनिवार को कई कदमों की घोषणा की, जिनमें दावे दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय, चुनाव अधिकारियों द्वारा लोगों के घरों का दौरा किए जाने और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का नोटिस पाने वालों के लिए ’हेल्प डेस्क’ स्थापित करना शामिल हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्तों डॉ. एस एस संधू तथा विवेक जोशी की बैठक के बाद आयोग ने घोषणा की कि बूथ स्तर के अधिकारी (बीएलओ) अब उन लोगों के दस्तावेजों को एकत्र करने व एकीकृत पोर्टल ’ईसीआईनेट’ पर अपलोड करने के लिए घर-घर जाएंगे, जिनकी ’मैपिंग’ नहीं हुई है या जिनके विवरण में तार्किक विसंगतियां मिली हैं।
निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ/एईआरओ) कार्यालयों में व्यक्तिगत रूप से सुनवाई अब असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, आवश्यक नहीं है, और जरूरी होने पर यह प्राथमिक रूप से ऑनलाइन आयोजित की जाएगी।






































