पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। नगर के अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय में ६ मार्च को अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के तत्वाधान में शिक्षक शिक्षिकाओं के द्वारा एकत्रित होकर एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल को प्रदेश के मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम का ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में अध्यापक शिक्षक सयुंक्त मोर्चे के द्वारा राज्य शिक्षा सेवा में नियुक्त हुये नवीन शैक्षणिक संवर्ग के शिक्षकों के समस्त स्वत्वों ग्रेच्युटी, अर्जित अवकाश, पेन्शन आदि के लिये सेवा अवधि की गणना उनकी प्रथम नियुक्ति दिनाँक से की जाने,नवीन शिक्षक संवर्ग को हड़ताल अवधि का कटा हुआ वेतन अतिशीघ्र दिया जाने,शिक्षक एवं नवीन शिक्षक संवर्ग को वरिष्ठता अनुसार पदोन्नती का लाभ दिया जाने। नवीन शिक्षक संवर्ग को नई पेन्शन योजना के स्थान पर पुरानी पेन्शन योजना का लाभ दिया जाने की मांगों का अतिशीघ्र निराकरण करने मांग की गई है।
सरकार ने २०१८ में नया केडर लाकर वरिष्ठता शून्य की- रोशनलाल नगपुरे
शिक्षक रोशनलाल नगपुरे ने बताया कि आज मध्य प्रदेश में आम अध्यापक का गुस्सा फू ट रहा है। सन १९९५ से २०१८ तक नियुक्ति हुई अभी यह चालू है परंतु सरकार ने हमें संवर्ग में बाट कर बहुत परेशान किया है। कई प्रकार के संवर्ग बनाएं उसके बाद २०१८ में एक नया केडऱ लाकर सभी की वरिष्ठता को शून्य कर दिया। जबकि वर्ष १९९८ से २००४ तक शिक्षा विभाग में लोग लगे और सरकार ने २००४ में पेंशन बंद कर दी। वह पेंशन हमें लागू होती क्योंकि हम पहले के शिक्षक है,अब पेंशन हम लोगों को देना ना पड़े इसलिए यह वरिष्ठता समाप्त की गई है। सभी की २०१८ में नियुक्ति मान रहे हैं हम किसी संगठन में नहीं रहेंगे बल्कि सभी संगठन मिलकर एक होकर आंदोलन करेंगे। पूरे मध्य प्रदेश में यह होगा खैरलाँजी से यह प्रारंभ हुआ है संगठन का गठन भी जगह.जगह हो रहा है। हमने एसडीएम को ज्ञापन दिया है इसके बाद हर विकासखंड में यह ज्ञापन देंगे प्रादेशिक संगठन हम बना रहे हैं। हमारी केवल एक ही मांग है कि प्रथम नियुक्ति दिनांक से शिक्षक शिक्षिकाओं की वरिष्ठता मानी जाए अन्यथा संगठन के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा।









































